इंदौर. एनएसयूआई के संगठन चुनाव की प्रक्रिया शुरू होते ही विवादों से घिर गई। संगठन के पूर्व महासचिव सनी बिंजवे पर आरोप है कि उसने कॉलेजों में जाकर छात्रों को अपने समर्थन के लिए धमकाया और मारपीट की। मामला गंभीर मानते हुए जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ यादव ने बिंजवे को चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया।
इससे पूर्व बिंजवे महासचिव और जिलाध्यक्ष की दौड़ में शामिल था। चुनाव के दौरान उसके खिलाफ कई छात्रों को धमकाने औैर मारपीट की शिकायतें जिलाध्यक्ष तक पहुंची थीं। अभी कॉलेज स्तर पर वोटिंग चल रही है।
अगले माह जिलाध्यक्ष और प्रदेशाध्यक्ष के चुनाव की वोटिंग होगी। इसमें दो गुट आमने-सामने हैं। पहला गुट जिलाध्यक्ष यादव का है, वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष विपिन वानखेड़े के नेतृत्व में यह गुट चुनाव लड़ रहा है। वहीं दूसरे गुट में जावेद खान, सनी बिंजवे औैर अजीत बौरासी जैसे छात्र नेता शामिल हैं। हालांकि इस गुट ने मारपीट से इनकार करते हुए कहा कि आरोप गलत हैं। उन पर ऐसे आरोप लगाकर चुनाव प्रक्रिया से बाहर किया जा रहा है ताकि विरोधी गुट आसानी से जीत सके।
अन्यपर भी होगी कार्रवाई
सनी के खिलाफ शिकायत मिली थी। इसलिए कार्रवाई की। चुनाव के दौरान जिसकी भी शिकायत आएगी, उस पर भी कार्रवाई होगी। चाहे वह किसी भी गुट का क्यों हो। -सिद्धार्थयादव, जिलाध्यक्ष, एनएसयूआई