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सोशल ऑिडट में खुलासा : आई-बस और बस स्टॉप रात में महिलाओं के लिए नहीं सुरक्षित

7 वर्ष पहले
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रिपोर्टमें बताया गया है कि बीआरटीएस पर दोनों ओर बने फुटपाथ की हालत बहुत खराब है। इसमें निरंतरता का अभाव है। साथ ही यह पैदल लोगों खासकर महिलाएं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित भी नहीं है। यहां पर्याप्त जनसुविधाएं, बैठने की व्यवस्था, हॉकर्स जोन, सूचना पटल भी नहीं है। जेब्रा क्रासिंग की हालत भी ठीक नहीं है और फुटपाथ का रखरखाव भी सही नहीं है।

साइिकललेन पर अतिक्रमण

ऑडिटरिपोर्ट में 75 प्रतिशत सदस्यों ने कहा है कि प्रशासन शहर में साइकिल को बढ़ावा नहीं देना चाहता है। रिपोर्ट में बताया गया है कि साइकिल लेन की सतह खराब है। इस पर साइकिल पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। साइकिल लेन पर अतिक्रमण है। इस पर साइकिल चलाना सुरक्षित नहीं है। साइकिल लेन पर परेशानियों के चलते साइकिल चालक लेन के बजाए सड़क पर चलते हैं।

आई-बस स्टॉप पर रात में ऐसा रहता है दृश्य।

भास्कर संवाददाता | इंदौर

बीआरटीएसपर चलने वाली आई-बसें और इसके बस स्टॉप रात में सफर करने वाली महिला यात्रियों के लिए सुरक्षित नहीं हैं। एक निजी संस्था द्वारा जारी की गई सोशल ऑडिट रिपोर्ट में यह बात कही गई। रिपोर्ट में बीआरटीएस की पैदल और साइकल लेन में भी कई खामियां बताई गई हैं। रूपांकन संस्था द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट का रविवार शाम प्रीतमलाल दुआ सभागृह में लोकार्पण किया गया। संस्था इन खामियों को दूर करने के लिए यह रिपोर्ट शासन को भी भेजेगी।

बुनियादीसुविधा का अभाव

इसरिपोर्ट को तीन हिस्सों में बीआरटीएस पर संबंधित सुविधा का निरीक्षण कर तैयार किया गया है। हर बार 12 अलग-अलग लोगों को ऑडिट दल में शामिल कर सवाल बनाकर उनकी राय लेकर इसे तैयार किया गया है। इनमें गृहिणी से लेकर सामाजिक कार्यकर्ता और विशेषज्ञ भी शामिल किए गए थे। बस और बस स्टॉप को लेकर सभी का समग्र मत सामने आया है कि यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। ऑडिट दल ने बस और बस स्टॉप को महिलाओं के लिए खासतौर पर रात के समय सुरक्षित नहीं बताया है। साथ ही बस स्टॉप में जन सुविधाओं, फर्स्ट एड, जानकारी आदि की कमी बताई है। दृष्टिहीन और विकलांगों के लिए भी इसे मुश्किल बताया है।