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कलेक्टोरेट में शिक्षकों ने ही तोड़ दी प्रशासन की गाइडलाइन
रैली,जुलूस के साथ ही कलेक्टोरेट में प्रदर्शन को लेकर अगस्त माह में जिला प्रशासन ने गाइडलाइन जारी की थी। इसके तहत कलेक्टोरेट में किसी भी तरह के धरना-प्रदर्शन को धारा 144 के तहत प्रतिबंधित किया गया था, लेकिन सोमवार को यह गाइडलाइन धरी रह गई। दोपहर में एक से दो बजे तक कलेक्टोरेट में शासकीय स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारी नेताओं द्वारा एक घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया गया, भाषण दिए गए, नारेबाजी भी की गई और भजन भी गाए।
कमिश्नर संजय दुबे द्वारा स्मार्ट फोन पर ई-अटेंडेंस लिए जाने के विरोध में यह प्रदर्शन हुआ। इसके पहले भी पार्षद चिंटू चौकसे ने जनसुनवाई के दौरान कलेक्टोरेट में प्रदर्शन किया था, तब भी मामले में अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। संयुक्त शिक्षक-कर्मचारी महासंघ के बैनर तले कर्मचारी नेता और शिक्षक कलेक्टोरेट पहुंचे। ये सभी मुख्य द्वार की सीढ़ियोंं पर बैठ गए। कर्मचारी नेताओं ने संबोधित करते हुए कहा कि यदि कमिश्नर आदेश वापस नहीं लेते हैं तो 10 अक्टूबर को सभी शिक्षक एक दिन का सामूहिक अवकाश लेंगे।
शासन के नियमों का पालन करा रहे हैं
^ई-अटेंडेंसयोजना को शासन से मंजूरी मिली है, शासन के निर्देशों का ही पालन करा रहे हैं। चिंता वह लोग पाल रहे हैं, जो अपने काम के प्रति जागरूक नहीं है। प्रदर्शन को लेकर गाइडलाइन है तो पालन होना ही चाहिए। -संजय दुबे, कमिश्नर
प्रदर्शन करने वालों पर होगी कार्रवाई
^गाइडलाइनसभी के लिए हैं। इसका उल्लंघन करने वालों पर धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस तरह प्रदर्शन करना गलत है। -आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर
धरना नहीं था
^हमतो केवल अपनी बात कहने के लिए और ज्ञापन देने गए थे। लोग एकत्र हुए तो थोड़ी नारेबाजी हो गई। धरना नहीं था, वह होगा तो गंजी कंपाउंड में ही करेंगे। -दिनेश शर्मा, मीडियाप्रभारी संयुक्त शिक्षक-कर्मचारी महासंघ
सोमवार को शिक्षक और कर्मचारी नेताओं ने कलेक्टोरेट में इस तरह प्रदर्शन किया।