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बेलगाम गाड़ियों ने ली दो युवाओं की जान

7 वर्ष पहले
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हादसे के बाद स्कूल का गेट बंद किया तो भड़क गए अभिभावक

छत्रीबागके श्री बीडी तोषनीवाल माहेश्वरी बाल मंदिर परिसर में हुए हादसे के बाद अभिभावकों ने हंगामा किया। सुबह अपने बच्चों को स्कूल छोडऩे आए अभिभावक खबर सुनते ही वापस स्कूल पहुंचे तो गार्ड ने गेट लगा दिया। स्कूल स्टाफ भी स्कूल की बिल्डिंग में चला गया। अभिभावकों को कोई जवाब देने वाला नहीं था। इससे उनका गुस्सा और बढ़ गया। सभी लोग स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। कुछ लोग तो स्कूल में तोड़फोड़ पर उतारू हो गए थे। वे जानना चाह रहे थे कि जिस बच्चे के साथ हादसा हुआ उसका नाम क्या है?

नाराज अभिभावकों को स्कूल के ही पास स्थित माहेश्वरी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजीव कुमार झालानी अन्य स्टॉफ मेंबर्स ने समझाने की कोशिश की। लोग उन पर भी आक्रोशित हुए तो झालानी ने तत्काल अस्पताल से जानकारी लेकर बच्चे का नाम बताया, तब जाकर अभिभावकों का गुस्सा कम हुआ। इस बीच सूचना मिलने पर सीएसपी अन्नपूर्णा आर.एस. घुरैय्या, सीएसपी मल्हारगंज टीएस बघेल सराफा छत्रीपुरा थाने का बल लेकर मौके पर पहुंचे।

उज्जवल का बड़ा भाई भी उसी स्कूल मंे पढ़ता है। दोनों साथ में ही स्कूल आए थे। अंतिम संस्कार के समय उसे पता ही नहीं था क्या हो रहा है।

मेरा भय्यू कहां गया मम्मी, उसे लेकर आओ ना...

हादसेका शिकार उज्ज्वल का बड़ा भाई पांच साल का धीरज भी इसी स्कूल में पढ़ता है। सोमवार को दोनों स्कूल एक साथ गए थे। जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद उज्ज्वल का शव घर लाया गया। वह रो रही अपनी मां शकुंतला सोनी के पास जाकर बोलता रहा मेरा भय्यू कहां है, उसे क्या हो गया, मुझे उससे मिलना है...।

ऐसेहुआ हादसा

उज्ज्वलअन्य बच्चों को उतारकर बस दूसरी बस के पीछे खड़ी हो गई थी। उज्ज्वल पहले से आगे खड़ी बस के सामने पहुंच गया। इस बस के ड्राइवर 48 वर्षीय श्याम पिता जुगल किशोर दुबे ने बताया बच्चा मुझे नजर नहीं आया। पीछे से दूसरी बस आई तो मैंने गाड़ी आगे बढ़ा दी और वह चपेट में गया।

ड्राइवर बोला- ठेला चला लूंगा लेकिन अब बस नहीं चलाऊंगा

हादसेके बाद गिरफ्तार स्कूल बस का ड्राइवर श्याम दुबे पश्चाताप के आंसू रो रहा है। उसने कहा मैं 25 साल से गाड़ी चला रहा हूं, कभी किसी को टक्कर नहीं मारी। ये घटना मेरे जीवन पर कलंक है। मैं ठेला चला लूंगा लेकिन कभी बस ड्राइवरी नहीं करुंगा।

आज धरना देंगे प