आखिर कहां है इंदौर पुलिस?
चार व्यस्त चौराहे, और पुलिस की हकीकत
शहरमें बढ़ रही हादसों की संख्या के बावजूद पुलिस और ट्रैफिक की कार्यप्रणाली सुस्त ही पड़ी है। चौराहों पर ज्यादातर जवान बुत की तरह खड़े नजर आते हैं। उनके सामने से प्रतिबंध के बावजूद दिन में लोडेड ट्रक निकल जाए या फिर कोई सिग्नल तोड़ दे, कोई फर्क नहीं पड़ता। मुहिम के नाम पर सक्रिय होकर दिखावा करते हैं और फिर पुराने ढर्रे पर लौट आते हैं। ऐसे ही पुलिसकर्मियों के सामने स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर चौराहा क्रॉस कर रहे हैं। सिग्नल तोड़ने वालों पर कोई सख्ती और जेब्रा क्रॉसिंग के आगे आकर बीच सड़क पर खड़े होने वालों पर..। बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था और पुलिस की लचर कार्यप्रणाली हर दिन की तरह सोमवार को भी चौराहों पर अपने पुराने अंदाज में ही पसरी नजर आई।
एक जवान सब कुछ नहीं कर सकता
^बेतरतीबवाहन चलाने, जेब्राक्रॉसिंग पर वाहन खड़े होने और अन्य ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर लगातार कार्रवाई होती है। शहर में ट्रैफिक लोड बढ़ा है, चौराहों पर किसी एक जवान से सारे नियम पालन करवाना संभव नहीं है। -अंजनातिवारी, एएसपीट्रैफिक
कानून नहीं लगा सकता रफ्तार पर रोक
^तेजरफ्तार से लगातार हो रहे हादसों के लिए सिर्फ पुलिस और कानून को जिम्मेदार ठहराना गलत है। माता-पिता को बच्चों के प्रति जागरूक होना चाहिए। रफ्तार में गाड़ी चलाने वालों को कानून के दम पर रोक पाना संभव नहीं है। -राकेशगुप्ता, डीआईजी(इंदौर)
...और ये हैं अफसरों के जवाब
पुलिस खड़ी फिर भी दिन में गुजरते लोडिंग वाहन
बीच में पुलिस, चारों तरफ से चालू ट्रैफिक
जेब्रा लाइन पर ट्रैफिक, पुलिस लापता
रेड लाइट से गुजर रहे, रोकने वाला कोई नहीं
महू नाका
बडा गणपति
मालवीय नगर
एलआईजी
}इंदौर में हर फुटपाथ पर अतिक्रमण के लिए प्रशासन और नेता जिम्मेदार। (9826566257)
}पुलिसका काम लोगों को परेशान करना और बदमाशों को जाने देना ही रह गया है। (9893079144)
}आजकलमाता-पिता बच्चों के कहने में हैं और निगम, प्रशासन, पुलिस तो महज औपचारिकता निभा रहे हैं। (9826750470)
}माता-पिताजिम्मेदार हैं। बच्चों को गाड़ी नहीं देना चाहिए, लेकिन पुलिस सख्त होती तो बच्चा भी जिद नहीं करता। (9617204350)
ऐसेकई मैसेज में इस मामले में पुलिस और प्रशासन को लापरवाह बताया गया है।
भास्कर को एसएमएस कर बोले- निगम, पुलिस और प्रशासन की आंख