कई पूर्व अध्यक्ष बागी हुए
भोपालजिला सहकारी बैंक के चुनाव को लेकर उपजे विवाद ने गुरुवार को नया मोड़ ले लिया। चुनाव पर रोक लगाने का आदेश देने वाले अपर आयुक्त शैलेंद्र सिंह को शासन ने निलंबित कर दिया और सहकारिता ट्रिब्यूनल ने उनके आदेश को स्थगित कर दिया। शुक्रवार को चुनाव का नया कार्यक्रम घोषित हो जाएगा। उधर, इस चुनाव में बगावती तेवर दिखाने वाले विजय तिवारी अकेले नहीं हैं। पूरे प्रदेश में आधा दर्जन से अधिक पूर्व अध्यक्ष भाजपा से बागी हो गए हैं।
भाजपा संगठन ने बुधवार को तिवारी को निलंबित कर दिया था, लेकिन अन्य नेताओं की मान मनौव्वल हो रही है। खास तौर से दतिया के रूपसिंह सेंगर द्वारा नामांकन जमा करने को लेकर खलबली मची हुई है। सेंगर, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के निकटतम रिश्तेदार हैं। अपेक्स बैंक के अध्यक्ष भंवरसिंह शेखावत भी इंदौर में निर्विरोध संचालक निर्वाचित हो गए हैं। होशंगाबाद के पूर्व अध्यक्ष योगेंद्र मंडलोई की प|ी, विदिशा के बाबूलाल ताम्रकार के बेटे सचिन भी मैदान में डट गए हैं। ताम्रकार के दूसरे बेटे दीपक की याचिका पर वहां के चुनाव भी स्थगित किए जाने के आदेश हुए हैं। प्रदेश संगठन महामंत्री अरविंद मेनन ने दिन भर प्रदेश के सहकारिता नेताओं से इस बगावत पर चर्चा की।
अधिकारियों की मांग पर निलंबित हुए अपर आयुक्त
विभागके अधिकारी अपर आयुक्त शैलेंद्र सिंह के निलंबन की मांग पर अड़ गए थे। अधिकारी संघ के अध्यक्ष अशोक मिश्रा ने चेतावनी दी थी कि कानून के विपरीत विवादित आदेश देने और लगातार अमर्यादित टिप्पणी करने वाले अपर आयुक्त को यदि निलंबित नहीं किया गया तो अधिकारी अवकाश पर चले जाएंगे। राज्य सहकारिता अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष ओम पाटीदार ने अपर आयुक्त के निलंबन पर विभाग के प्रमुख सचिव अजित केसरी का आभार जताया है।