मुस्कराते हुए जीवन जीएं : ठाकुरजी
इंदौर| जीवनको संघर्ष के साथ, आनंद के साथ, बिना परेशानियों के साथ जीना चाहिए, यही कृष्णलीला का वास्तविक स्वरूप है। हर समय परिस्थिति हमारे अनुकूल हो यह भी जरूरी नहीं है। जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयां, परेशानियां क्यों नहीं आएं, हमें हमेशा हंसते-हंसते जीवन के प्रत्येक क्षण को भगवान का वरदान समझकर जीना चाहिए। भागवत कथा में कृष्ण का चरित्र हमें यही सीख देता है। यह बात मां कनकेश्वरी धाम पर चल रही भागवत कथा में कृष्णचंद्र शास्त्री ठाकुरजी ने कृष्ण बाल लीला एवं गोवर्धन उत्सव के प्रसंगों पर गुरुवार को कही। कथा में गोवर्धन पूजा उत्सव मनाया गया। 56 भोग भी लगाए गए। शुक्रवार को दोपहर 2 से 6 बजे तक कथा होगी। इसमें कृष्ण-रुक्मिणी विवाहोत्सव भी मनाया जाएगा।