प्रकटन में साकार होते शिल्प और रंग
कैनवासपर एक युवा कलाकार की रेखाऐं कल्पना से संचालित हो धीरे-धीरे रूपाकार बनाती हैं। एक चेहरा बनता हुआ दिखाई देता है, फिर उसके हाथ और अंतत: एक सुंदर घाघरा पहने लड़की साकार हो जाती है। फिर लाल-नीले-पीले रंगों से वह रंगीन हो जाता है। यह युवा कलाकार हर्षति जोशी का कैनवास पर बनाया चित्र है जो लोक कला से अपने को जोड़ता दिखाई देता है। इसी तरह से चाक पर मिट्टी का लौंदा है। अंगुलियों और हथेलियों के संवेदनशील स्पर्श से वह मिट्टी एक नया रूप लेती है और एक सुंदर आकार में बदल जाती है। यह मिट्टी का शिल्प है युवा कलाकार सुरभि जैन का। ये हिस्सा हैं प्रकटन-3 वर्कशॉप का।
art workshop
वर्कशॉप में पेंटिंग और मूर्तिशिल्प बनाते पार्टिसिपेंट्स।