- Hindi News
- नई परिषद के साथ काम करेंगी शहर की मोहल्ला समितियां
नई परिषद के साथ काम करेंगी शहर की मोहल्ला समितियां
दिसंबरमें नगर निगम पर काबिज होने वाली नई महापौर परिषद के साथ मोहल्ला समितियां भी अस्तित्व में जाएंगी। इसके साथ ही सड़क, पानी, ड्रेनेज, लाइट, कचरा जैसी समस्याओं का निपटारा करने का अधिकार समितियों के हाथों में चला जाएगा। निगम ने जोन कार्यालयों पर जो हेल्प डेस्क स्थापित की है वहां रहवासी संघों की पूछताछ शुरू हो गई है। इधर, निगम ने समिति गठन का प्रारूप भी तैयार कर लिया है।
इस प्रारूप में अहम तथ्य सदस्यता और वार्षिक फीस का है। इन दोनों मदों की राशि तय करने का अधिकार कमेटी के कर्ताधर्ता पर ही छोड़ दिया है। अपने-अपने क्षेत्र, रहवासियों की आर्थिक स्थिति के हिसाब से कमेटी के पदाधिकारी फीस तय कर लेंगे। वैसे इस कमेटी को गठित कराने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर करने वाले किशोर कोडवानी ने निगम को 21 रुपए प्रति सदस्यता फीस लेने और अन्य मदों में कमेटी द्वारा तय फीस लेने का सुझाव दिया है। हर साल सदस्यता फीस देने का प्रावधान भी रखा गया है। मोहल्ले, कॉलोनी के दायरे में होने वाले निर्माण पर अन्य फीस अलग से देना होगी।
अप्रैल से हरकत में आएंगी कमेटी
1से 30 अप्रैल के बीच कमेटियां हरकत में जाएंगी। जनवरी से मार्च के बीच इन्हें गठित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कमेटी में अधिकतम सौ परिवार तो शामिल किए जा सकते हैं, लेकिन कम से कम 51 परिवार और कार्यकारिणी होना जरूरी रहेगा।