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जीवात्मा को परमात्मा से जोड़ने का सेतु है भागवत : पं. तिवारी
रामायणजीना और भागवत मरना सिखाती है। भागवत वह कल्पवृक्ष है, जिसकी छाया में आने वाला प्रत्येक जीव मोक्ष के मार्ग पर पहुंचता है। भागवत केवल ग्रंथ या पोथी नहीं, हम सबके जीवन को संवारने और मौत के भय को दूर करने का प्रकाश पुंज है। भागवत जीवात्मा को परमात्मा से जोड़ने वाला दिव्य सेतु है। भागवत मौत को मोक्ष में बदलने का राजपथ है।
यह बात पं. पवन तिवारी ने बिजासन रोड स्थित अखंडधाम आश्रम पर बुधवार को पितृ मोक्षदायी भागवत के शुभारंभ अवसर पर कही। उन्होंने कहा- भागवत कथा में सभी संशयों का निदान है। यह मनुष्य का जीवन संवारती है। शुरुआत में व्यासपीठ का पूजन रुक्मणी सोनी, बृजबाला सोनी, राजेंद्र गर्ग आदि ने किया। श्रद्धा सुमन सेवा समिति के अध्यक्ष मोहनलाल सोनी ने बताया प्रतिदिन प्रात: 8 से 10 तक तर्पण एवं दोप. 2 से 6 बजे तक पितृ मोक्षदायी भागवत कथा होगी। इससे पहले सुबह के सत्र में तर्पण अनुष्ठान हुआ। इसमें 350 से ज्यादा लोग शामिल हुए। शुरुआत में विष्णु पूजन हुआ।
कनकेश्वरीधाम में मना कृष्ण जन्मोत्सव
अखंडधाम में आयोजित भागवत कथा सुनतीं श्रद्धालु।
इंदौर|परदेशीपुरा स्थितकनकेश्वरी धाम पर चल रही भागवत कथा में मंगलवार को कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। पुष्प वर्षा हुई और भजनों की स्वरलहरियों पर लोग झूमे। माखन-मिश्री का प्रसाद बांटा गया। कथा में कृष्णचंद्र शास्त्री ठाकुरजी ने कहा- हृदय में जो रमन करें उसे राम कहते हैं। भगवान कृष्ण की हर लीला में एक संदेश है। मनुष्य के कल्याण के लिए देवता अवतार लेते हैं। 18 सितंबर को दोपहर 2 से 6 बजे तक कथा होगी। इसमें कृष्ण बाल लीला, गोवर्धन लीला के प्रसंग होंगे।