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हाई कोर्ट के आदेश पर हुई जांच में मिली ‘कर्मचारीगण’ में गड़बड़ी
हाईकोर्ट के आदेश पर सहकारिता विभाग ने कर्मचारीगण गृह निर्माण सहकारी संस्था की जांच की तो पता चला पूर्व अध्यक्ष ने मनमानी करते हुए पात्र लोगों की उपेक्षा कर बाहरी लोगों को सदस्य बना लिया है। विभाग ने पूर्व अध्यक्ष को शोकॉज नोटिस देकर जवाब मांगा है।
बुधवार को उपायुक्त सहकारिता जगदीश कनौज ने संस्था के पूर्व अध्यक्ष आरडी शेगांवकर को सहकारिता अधिनियम की धारा 19 (2) ए-क के तहत नोटिस जारी किया। उसमें कहा गया है कि क्यों उनकी सदस्यता समाप्त कर दी जाए। हाई कोर्ट इंदौर में ताहिर अली ने याचिका दायर की थी कि संस्था के अध्यक्ष शेगांवकर ने मनमानी की है। इस पर अदालत ने सहकारिता विभाग को याचिकाकर्ता की शिकायत का निराकरण करने का आदेश दिया था। संयुक्त आयुक्त सलिल कटारे ने उपायुक्त को जांच के आदेश दिए थे। जांच में पाया गया कि पूर्व अध्यक्ष ने सदस्यता सूची में गड़बड़ की, संदिग्ध प्रविष्टि के आधार पर सदस्यता सूची का उपयोग किया और बाहरी लोगों को सदस्य बनाया। एक परिवार के एक से अधिक सदस्य बनाने की भी जानकारी मिली।
पूर्व अध्यक्ष को शोकॉज नोटिस