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एक वार्ड से तीन दिन में निकला 50 टन कचरा
स्वच्छइंदौर अभियान के तहत वार्ड 65 में बतौर मॉडल तीन दिन तक चले विशेष सफाई अभियान में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। यहां तीन दिन में 50 टन कचरा और 200 टन मलबा निकला है। बावजूद सिंधी कॉलोनी की कुछ गलियों में बेक लेन साफ नहीं हो पाई। निगम की लापरवाही भी इन तीन दिनों में सामने आई। अब सफाई के मुद्दे पर कोर्ट जा चुके याचिकाकर्ता अपनी रिपोर्ट पहले कलेक्टर को सौंपेंगे, इसके बाद कोर्ट को। यह तथ्य भी सामने आया कि शहर में एक बार यदि पूरी तरह सफाई चाहिए तो उस पर करीब सवा दो करोड़ रुपए खर्च होंगे।
7 से 9 फरवरी तक चले इस अभियान में निगम ने वार्ड के 90 कर्मचारियों के अलावा टॉस्क फोर्स और व्यापक संसाधन लगाए थे। याचिकाकर्ता किशोर कोडवानी ने कहा तीन दिनों में एक वार्ड से 50 टन कचरा निकला और 200 टन मलबा। बावजूद बेक लेन में सफाई अभी नहीं हो पाई। तीन दिन में एक वर्ग किमी में आने वाली 30 से 35 हजार जनसंख्या वाले क्षेत्र को कचरा मुक्त किया गया। इस पर करीब तीन लाख रुपए खर्च आया। शहर के पुराने 69 वार्डों को भी पूरी तरह साफ किया जाए तो भी करीब सवा दो करोड़ रुपए चाहिए।
{इस वार्ड से प्रति व्यक्ति साढ़े तीन सौ ग्राम कचरा मिला।
{करीब आधा किमी की सड़क पर झाडू़ लगाने के लिए एक सफाईकर्मी को 3 से साढ़े 3 घंटे लगे। इसका बड़ा कारण इन पर किसी तरह का कंट्रोल नहीं होना है।
{सुबह से सफाई शुरू होने के बावजूद कोई भी सड़क सुबह 9.30 बजे तक पूरी तरह साफ नहीं हो पाई। निगम अफसरों और कर्मचारियों को जिस तरह का सहयोग करना था, वह नहीं किया।
ये तथ्य भी सामने आए वार्ड 65 में चले विशेष अभियान में