पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • निगम यातायात घोटाले की फिर शुरू होगी जांच

निगम यातायात घोटाले की फिर शुरू होगी जांच

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
इंदौर. नगर निगम में साल 2011-12 में हुए यातायात घोटाले की एक बार फिर जांच होगी। निगम प्रशासक और संभागायुक्त संजय दुबे ने इस मामले में निगमायुक्त को विभागीय जांच करने के निर्देश दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि मामले से जुड़े हर पक्ष से केवल सवाल-जवाब होंगे, बल्कि पूरी रिपोर्ट बाद में एमआईसी को पेश की जाएगी।

निगम प्रशासक संजय दुबे ने आदेश की पुष्टि करते हुए बताया कि लंबे समय से यह मामला निगम में चल रहा है। कई अधिकारियों के नाम इसमें सामने आए हैं। निगमायुक्त राकेश सिंह को कहा है वे पूरा मामले की व्यक्तिगत तौर पर जांच करें। सभी पक्षों को सुने और रिपोर्ट एमआईसी को सौंपे। इस पर एमआईसी और परिषद निर्णय लेंगे। इतना ही नहीं जांच में सभी अधिकारियों को नोटिस देकर उनसे जवाब भी मांगें, ताकि जिम्मेदार पर कार्रवाई की जा सके। प्रशासक ने माना कि इस काम में केवल लापरवाही हुई है बल्कि भुगतान समय पर होने से जिस तरह कॉन्ट्रेक्टर कोर्ट गए वह दु:खद है।
गौरतलब है शहर में यातायात सुधार के लिए किए गए कामों में बड़े पैमाने पर आर्थिक अनियमितता सामने आई थी। उसी के बाद निगम स्तर पर इस मसले की दो बार जांच हो चुकी है।
अपर आयुक्त देवेंद्रसिंह भी इस मसले में दोषी अधिकारियों को नोटिस जारी कर चुके हैं। संबंधित ठेकेदार जिन्होंने यातायात के काम अलग-अलग क्षेत्रों में किए थे, वे पेमेंट समय पर होने से कोर्ट से ऑर्डर करवा चुके हैं और निगम को ढाई करोड़ से ज्यादा के भुगतान में 24 प्रतिशत तक ब्याज देना पड़ रहा है। दूसरी ओर निगम के अफसरों में इस मसले को लेकर खींचातानी अभी भी जारी है।