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बदहाल होने लगे

7 वर्ष पहले
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आई बस स्टाप

हर का यातायात ठीक करने के लिए करोड़ों का खर्च कर बीआरटीएस और आई बस के स्टापेज बनाए, मगर इसके रखरखाव पर ध्यान नहीं देने से इनकी हालत खराब हो रही है। स्टाप को रोशन करने वाले ग्लोसाइन बोर्ड के कवर निकाले जा चुकेे हैं। विजयनगर स्टाप सहित कुठ बस स्टाप पर टिकट खिड़की के पास ही पुराना सामान कबाड़ की तरह रखा गया है। सीलिंग लाइट के कवर भी निकल रहे हैं। रैलिंग पर लगने वाले कांच भी जगह-जगह से टूटने लगे हैं और बस स्टाप पर बने आईलैंड पर भी जो महंगे स्टोन लगाए गए थे वो भी उखड़ने लगे हैं। आई बस के लगभग सभी बस स्टाप पर एक ही टिकट खिड़की चालू रहती हैं और दूसरी को हमेशा बंद रखा जा रहा है। पलासिया जैसी जगह पर तो बस स्टाप बाकी जगहों जैसा है ही नहीं इसलिए यहां कोई सुविधा दी ही नहीं गई है, लेकिन बाकी स्टाप को अंतरराष्ट्रीय मानक के हिसाब से बनाए जाने के दावे खूब हुए जिनकी हकीकत अब सामने आने लगी है।