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- कारखानों से निकला 40 लाख लीटर वेस्ट रोजाना होगा साफ
कारखानों से निकला 40 लाख लीटर वेस्ट रोजाना होगा साफ
इफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) एक ऐसा संयंत्र है, जिसमें पानी से अशुद्धियों को दूर कर उसके हानिकारक प्रभाव को खत्म किया जाता है। जानकारों के अनुसार इसमें पहले पानी को एक जगह इकट्ठा किया जाता है। इसमें ठोस अपशिष्ट नीचे बैठ जाता है। पानी में घुली अन्य अशुद्धियां ऊपर तैरती हैं। इस पानी को छोटे-छोटे गड्ढों में एकत्रित कर उसे माइक्रोबॉयोलॉजिकल प्रोसेस से गुजारा जाता है। इससे पानी में मौजूद केमिकल सॉफ्ट मेटल में बदल जाते हैं। ट्रीटमेंट के बाद बचे पानी का उपयोग गार्डनिंग में किया जा सकता है। ठोस वेस्ट ईंट निर्माण अथवा खाली गड्ढों को भरने के काम जाता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइड लाइन के अनुसार हर इंडस्ट्री में ईटीपी होना जरूरी है। इससे खान नदी का प्रदूषण भी कम होगा।
^106 फैक्ट्रियों को करेंगे ईटीपी में शामिल, टेंडर बुलाए
हमनेईटीपी के लिए टेंडर बुलाए हैं। इन्हें 17 दिसंबर को खोला जाएगा। ईटीपी उद्योगों के लिए ही काम करता है। इससे सांवेर रोड इंडस्ट्रियल एरिया की 106 फैक्ट्रियां जुड़ेंगी। इसमें बस्तियों का सीवेज इससे ट्रीट नहीं होगा। सिंहस्थ से पहले बनकर यह तैयार हो जाएगा।
-पीसीजैन, कार्यपालनयंत्री, नगर निगम
^कम होगा खान नदी का प्रदूषण
ईटीपीके लिए जिला उद्योग केंद्र ने पौने दो एकड़ जमीन दी है। उस पर नगर निगम ईटीपी का निर्माण करेगा। पांच उद्योगों ने इसके लिए पहल करते हुए 20 लाख रुपए जमा किए थे, लेकिन प्लांट की लागत ज्यादा होने से सरकार ने इसे अपने हाथों में लिया। इससे खान नदी का प्रदूषण कम करने में काफी मदद मिलेगी।
-प्रमोदडफरिया, सचिव,एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मप्र