पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • राजकुमार ब्रिज सेंट्रल जेल के लिए खतरा : गृहमंत्री

राजकुमार ब्रिज सेंट्रल जेल के लिए खतरा : गृहमंत्री

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
गृहमंत्रीबाबूलाल गौर ने रविवार को इंदौर सेंट्रल जेल का दौरा किया। गृहमंत्री ने राजकुमार ब्रिज को जेल के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया और पुख्ता व्यवस्था कराने की बात कही। जेल की सुरक्षा देख उन्होंने चिंता तो जाहिर की, लेकिन घटना के पीछे जेल प्रबंधन की लापरवाही को यह कहकर टाल गए कि जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई होगी। गृहमंत्री ने सांवेर रोड की अधूरी पड़ी जेल सौ करोड़ की लागत से बनाने की बात भी कही।

दोपहर 12.45 बजे गृहमंत्री सेंट्रल जेल पहुंचे। एसपी ओपी त्रिपाठी जेल अधीक्षक गोपाल ताम्रकार उन्हें जेल के अंदर ले गए। जेल के रजिस्टर पर भी उन्होंने खुद एंट्री दर्ज की। सबसे पहले वे वार्ड नं. 4 के बैरेक नंबर 7 में गए। यहां उन्होंने वह स्थान देखा जहां जितेंद्र ठाकुर ने अर्जुन त्यागी को गोली मारी थी। शेष| पेज 6 पर





साथीकैदियों से उन्होंने 4 सितंबर की पूरी घटना के बारे में बात की। जेल अधीक्षक ने उन्हें जेल की दीवारों की जर्जर हालत, वार्ड बैरेक की हालत दिखाई। इसके बाद वे पाकशाला (रसोईघर) गए, जहां उन्होंने कैदियों को दिया जाने वाला खाना खाया।







राजकुमारब्रिज की तरफ सुरक्षा बढ़ाना होगी, बल दोगुना होगा

दौरेके बाद जेल अधीक्षक के कमरे में भास्कर से विशेष चर्चा में गृहमंत्री ने बताया इंदौर की यह जेल प्रदेश की सबसे छोटी जेल है। राजकुमार ब्रिज जेल के लिए सबसे बड़ा खतरा है। इसके लिए सुरक्षा प्लान बनाया जाएगा। जेल प्रशासन ने जैमर लगाने और एसएएफ के गार्ड तैनात करने का प्रस्ताव भेजा है। जेल में वर्ष 2000 में 1200 बंदी थे और 175 का स्टाफ था। ताजा स्थिति में अब स्टाफ 100 का है और बंदी 2500। स्टाफ को बढ़ाया जाएगा। दूसरी दीवार बनाई जाना स्वीकृत हुआ है।

100करोड़ की बनेगी सांवेर रोड की जेल

2008से अधूरी बनी पड़ी सांवेर रोड की जेल का नया प्रस्ताव बन गया है। इसकी लागत 100 करोड़ रुपए आना है। अब तक 10 करोड़ का निर्माण हो चुका है। उसका क्षेत्रफल पचास एकड़ है।

जांचके बाद ही कार्रवाई होगी

जेलमें हुई घटना में जेल प्रबंधन की मिलीभगत के सवाल पर गृहमंत्री ने कहा- ज्यूडिशियल, मजिस्ट्रीयल और विभागीय जांच चल रही है। विभागीय जांच की रिपोर्ट दो-तीन दिन में मिल जाएगी। इसके बाद कार्रवाई होगी। लापरवाही तो है, लेकिन जिम्मेदारी तय करने के बाद ही कार्रवाई की जा सकती है।

2008से खंडहर बनी