उड़द दाल उड़द मोगर में नरमी का वातावरण
हालही में हुई बारिश से दालों की फसलों को लाभ पहुंचा है। पिछले 8 से 10 दिनों में उड़द दाल उड़द मोगर के भाव में 500 से 600 रुपए प्रति क्विंटल की कमी हाे चुकी है। आगामी दिनों में दालों की आवक बढ़ने से और नरमी की संभावना हो जाएगी।
इसी प्रकार मूंग की फसल भी काफी अच्छी बताई जा रही है। पानी रुकने के बाद जो धूप की जरुरत हाेती है वह फसलों को मिल रही है। इससे अच्छी फसल में और इजाफा हाेगा। हालांकि पिछले 8 से 10 दिनों में 300 से 400 रुपए प्रति क्विंटल की नरमी देखने को मिली है, लेकिन मंडियों में मूंग की आवक कम हो रही है।
जैसे ही राजस्थान और मध्यप्रदेश से आवक बड़ेगी, तो इसके भाव में गिरावट देखने को मिल सकती है। वहीं दूसरी ओर आयातित तुवर अगले महीने से आना शुरू हो जाएगी। इन दिनों तुवर दाल के जो उंचे भाव चल रहे हैं उसे ब्रेक लगेगा और नरमी का वातावरण बन जाएगी।
देसी तुवर की फसल दिसंबर में आती है। उसका भी इस बार रकबा बड़ा है। इसमें भी आने वाले दिनों में नरमी की संभावना बन सकती है। चने का पुराना काफी स्टॉक होने से इसमें मामूली तेजी आकर फिर मंदी जाती है। हालांकि इसकी फसल फरवरी और मार्च में आती है। हालही में हुई बारिश से चने को भी काफी फायदा होगा।
अभी स्टॉकिस्ट पुराने चने को निकालने में लगे हुए हैं। ऐसे में इसके भाव में मंदी ही आएगी। मसूर में देसी स्टॉक नहीं होने से आयातित मसूर पर ही निर्भर होना पड़ रहा है। इससे मसूर में तेजी का माहौल बना हुआ है। अभी फसल में तीन से चार महीने की देरी है। इसकी तेजी मंदी ग्राहकी पर निर्भर रहेगी। कुल मिलाकर दालों में आने वाला समय मंदी का ही दिखाई दे रहा है।