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भागवत कथा सुनने से ही मिट जाते हैं जन्मों के पाप और कष्ट

7 वर्ष पहले
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मां कनकेश्वरीधाम , परदेशीपुरा पर भागवत कथा की शुरुआत कलश यात्रा के साथ हुई। यात्रा बजरंग नगर से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होती हुई परदेशीपुरा स्थित मां कनकेश्वरीधाम सुगनीदेवी कॉलेज परिसर पहुंची। यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं मंगल कलश लिए शामिल हुईं। संतों के सान्निध्य में निकली यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। भागवताचार्य कृष्णचंद्र शास्त्री ठाकुरजी ने मंगलाचरण के साथ कथा की शुरुआत की। उन्होंने कहा- अत्यंत भाग्यशाली हैं वे जो पितरों की आराधना पक्ष श्राद्ध पक्ष में कथा श्रवण करने आए हैं। पितृदोष की मुक्ति के साथ मानव के सभी कष्ट दूर करने के लिए भगवान कृष्ण ने अलग-अलग रूपों में इस संसार में ज्ञान की ज्योति जलाई थी। हम अपने लिए तो बहुत से कार्य करते हैं, लेकिन पितृ पक्ष में पितरों को याद करने के साथ उनका श्राद्ध भी घरों में करते हैं। श्रीमद् भागवत एक ऐसा पुराण है, जो जन्म-जन्मों के कष्टों एवं पापों को श्रवण मात्र से ही खत्म कर देता है। कथा के पहले दिन समापन पर आरती में विधायक रमेश मेंदोला, आकाश विजयवर्गीय सहित अन्य लोग शामिल हुए।

रविवार दोपहर 2 से 6 बजे तक सतचरित्र, ध्रुव कथा होगी। 20 सितंबर को सुंदरकांड समाप्ति, हवन एवं महाप्रसादी का आयोजन होगा।

बजरंग नगर से निकली कलशयात्रा में सैकड़ों महिला-पुरुष शामिल हुए।