- Hindi News
- अकाउंटेंसी की हिस्ट्री बयां करता एक अनूठा म्यूज़ियम
अकाउंटेंसी की हिस्ट्री बयां करता एक अनूठा म्यूज़ियम
सिटीरिपोर्टर.इंदौर यूं तो देश में कई तरह के म्यूज़ियम्स हैं लेकिन इंदौर में यह म्यूज़ियम कुछ अनूठा है। अनूठा इस अर्थ में कि यहां अकाउंटेंसी के हिस्ट्री को बहुत ही खूबसूरती और क्लैरिटी के साथ बयां किया गया है। अकाउंटेंसी की शुरुआत से लेकर इसके सिस्टम्स की तमाम जानकारियां हासिल की जा सकती हैं। इस म्यूज़ियम को सीए स्टूडेंट्स के अलावा स्कूली स्टूडेंट्स भी विजिट कर सकते हैं ताकि वे अकाउंटेंसी के बारे में इन्फॉर्मेशंस ले सकते हैं। देश में इस तरह के तीन ही म्यूजि़यम हैं जिसमें एक इंदौर में है।
टोकंससे हुई शुरुआत
अकाउंटेंसीकी शुरुआत टोकंस से हुई। टोकंस के कलेक्शन को ट्रांजेक्शन के तौर पर रिप्रेजेंट किया जाता था। मिसोपोटेमियंस ने स्टोर करने के दो सिस्टम को ईजा़द किया था। पहले में टोकन पर होल किए जाते थे जिसे बुल्ला कहा जाता था। दूसरे सिस्टम में हॉलो क्ले एनवलप में टोकन को रखा जाता था, इसे बुल्ला एनवलप कहा जाता था। बुल्ला एनवलप पर्सनल अकाउंट में डेटर्स को रिप्रजेंट करते थे और एनवलप के अंदर कुल टोकन बैलेंस शीट को रिप्रजेंट करते थे। अकाउंटेंसी से जुड़ी हिस्टोरिकल इन्फॉर्मेशन स्टूडेंट्स को सीए म्यूजियम में लगी फोटोफ्रेम्स से मिल रही है। इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया, इंदौर ब्रांच स्थित ग्लिम्प्स ऑफ अकाउंटेंसी हेरिटेज सीए म्यूजियम है।
{ इंस्टिट्यूट के पहले टॉपर का मेरिट सर्टिफिकेट
{द चार्टर्ड अकाउंटेंट जनरल का पहला जर्नल
{काउंसिल ऑफ आईसीएआई का पहला बुलेटिन
{इंडियन अकाउंटेंसी बोर्ड की शुरूआत
रोमन कॉइंस
3700-3200 बीसी का बुल्ला एनवलप
3100-3000 बीसी का पिक्टोग्राफ
{ इवॉल्यूशन ऑफ कंपनीज एक्ट ऑफ इंडिया
MUSEUM
ACCOUNTANCY