इंदौर. नगर निगम चुनाव के लिए शुक्रवार को होने वाला वार्ड आरक्षण प्रशासन ने फिर टाल दिया है। अब यह 22 दिसंबर को होगा। माना जा रहा है कि हाई कोर्ट में चल रहे केस को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। 29 गांव शहर सीमा में शामिल करने और निगम चुनाव सहित अन्य बिंदुओं पर हाई कोर्ट में पांच याचिकाएं विचाराधीन हैं। हालांकि हाई कोर्ट के एक फैसले के खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में अपील कर चुकी है।
अफसर भी मान रहे हैं कि अब निगम चुनाव का पूरा दारोमदार सुप्रीम कोर्ट पर टिका है। वहां से स्टे मिलता है तो ही चुनाव संभव होंगे। निगम चुनाव को लेकर संशय के बीच प्रशासन ने गुरुवार को मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन कर दिया। इस पर 19 दिसंबर तक दावे-आपत्तियां पेश की जा सकती है।
शहर सीमा वृद्धि की अधिसूचना को उचित प्रक्रिया अपनाए बिना जारी करने को लेकर दायर याचिका पर हाई कोर्ट आदेश दे चुका है। अधिसूचना निरस्त होने के बाद चुनाव टल गए थे। कोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने नए सिरे से नोटिफिकेशन जारी कर दिया।
इस बीच एडवोकेट अनिल त्रिवेदी ने एक और याचिका दायर की जिसमें कहा गया कि 29 गांवों को शहर सीमा में शामिल करने से पहले उनकी पंचायतों को डिनोटिफाइड नहीं किया गया। शासन को इसका जवाब चार सप्ताह में देना है। नगर निगम अभी जवाब भी तय नहीं करवा पा रहा है। प्रशासन की मुश्किल यह है कि गांवों को पंचायत चुनाव से बाहर करने की वही प्रक्रिया अपनाई जो उसने निगम चुनाव में की थी। त्रिवेदी के अलावा चार याचिकाएं कोर्ट में विचाराधीन हैं।
सीएम के दौरे के चलते आगे बढ़ाया
सीएमके संभावित दौरे और तैयारियों के चलते वार्ड आरक्षण आगे बढ़ाया है। अभी हमारे पास 27 दिसंबर तक का समय है। -आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर