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दो बम मिले थे, सुनवाई शुरू होने में लग गए 24 साल

7 वर्ष पहले
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इंदौर. 1990 में दो जिंदा बम बरामद हुए थे। आरोपी भी तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया था लेकिन कोर्ट में मामले की सुनवाई अब जाकर शुरू हुई। गुरुवार को। तो फिर 24 साल काहे में बीत गए। यह बड़ी रोचक कहानी है-

मामला सदर बाजार थाने का है। पुलिस ने शेख अकील निवासी सदर बाजार को वर्ष 1990 में गिरफ्तार किया था। अकील की उम्र उस वक्त 25 साल थी। एडवोकेट महेंद्र मौर्य के मुताबिक बम जब्ती का केस दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था जहां से वह जमानत पर रिहा हो गया था। उसके बाद फिर वह पेशी पर नहीं आया।
उसके खिलाफ कई मर्तबा वारंट जारी हुए और उसे अदालत को फरार घोषित करना पड़ा। दूसरी बार 30 जून 2013 में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया तो केस से संबंधित फाइल ही नहीं मिली। इस वजह से उसे फिर जमानत मिल गई। फाइल मिली तो आरोपी फिर गैरहाजिर रहा। कोर्ट ने उसे फिर फरार घोषित किया। पुलिस ने उसे तीसरी बार 30 अक्टूबर 2014 को गिरफ्तार किया।
इस बार कोर्ट ने नरमी नहीं बरती और आरोपी को जेल भेज दिया। आरोपी तब से जेल में है। गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश पी.के. सिन्हा की अदालत में बम जब्ती करने वाले सदरबाजार थाने के तत्कालीन सब इंस्पेक्टर अनिलकुमार मिश्रा, कांस्टेबल रामपाल तत्कालीन कलेक्टर के रीडर के बयान हुए।