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व्यापारियों को राहत, अब 79 दिन पर लगेगी 50 हजार की पेनल्टी

7 वर्ष पहले
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इंदौर. राज्य सरकार ने वैट संशोधन एक्ट-2014 विधानसभा में पास करा लिया है। नए प्रावधानों में व्यापारियों को तिमाही भरे जाने वाले टैक्स रिटर्न की देरी पर लगने वाली पेनल्टी में मामूली राहत ही मिली है। अभी प्रा‌‌वधान था कि 30 दिन देरी से रिटर्न भरने पर 50 रुपए प्रतिदिन पेनल्टी लगेगी और 31वें दिन यह पेनल्टी 50 हजार रुपए हो जाएगी।
नए एक्ट में अब प्रावधान कर दिया गया है कि 30 दिन तक तो 50 रुपए ही प्रतिदिन पेनल्टी लगेगी, लेकिन 31वें दिन से हर दिन की देरी पर पेनल्टी एक हजार रुपए प्रतिदिन हो जाएगी। टैक्स रिटर्न भरने में 79 दिन या अधिक की देरी होने पर विभागीय अधिकारी व्यवसायी को सुनवाई का अवसर देने के बाद अधिकतम पेनल्टी 50 हजार रुपए लगा सकेंगे।

एक व्यापारी को हर तीन माह में वैट रिटर्न, प्रवेश कर रिटर्न और केंद्रीय विक्रय कर रिटर्न (कुल तीन) देना होते हैं, यानी व्यापारी ने ये तीनों रिटर्न 79 दिन में नहीं भरे तो उस पर हर तिमाही रिटर्न पर अधिकतम डेढ़ लाख रुपए की पेनल्टी देय होगी।
इस तरह एक साल में यह पेनल्टी अधिकतम छह लाख रुपए हो सकेगी। यदि कोई व्यवसायी ऑनलाइन रिटर्न के साथ क्रय या विक्रय की सूची पेश नहीं कर पाता है तो इस स्थिति में अभी लगने वाली दस हजार रुपए प्रति रिटर्न पेनल्टी को भी बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दिया गया है।

होटल कमरों पर टैक्स में राहत

अभीतक होटल में 2000 रुपए या उससे अधिक का कमरा लेने पर 20 फीसदी लक्जरी टैक्स लगता था। इसमें बदलाव करते हुए अब शासन ने लक्जरी टैक्स की न्यूनतम दर 3000 रुपए कर दी है। अब इस कीमत या अधिक पर ही 20 फीसदी टैक्स लगेगा।

टैक्स रिटर्न का मामला

वरिष्ठ कर सलाहकार आर.एस. गोयल ने नए एक्ट के विधानसभा में पेश होने की जानकारी देते हुए कहा- इससे व्यापारियों पर बोझ बढ़ेगा। नए संशोधनों से पहले यह पेनल्टी मात्र पांच हजार रुपए प्रति रिटर्न ही थी, जो अब संशोधनों के बाद दस गुना बढ़कर 50 हजार रुपए हो गई है। उल्लेखनीय है करीब 20 दिन पूर्व व्यापारिक विविध कर सलाहकार संगठनों ने इसे लेकर विरोध भी जताया था, तब विभाग ने इसमें बदलाव किए जाने का आश्वासन दिया था।