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मूल्यांकन केंद्र प्रभारी और ओएसडी के अधिकार खत्म, अब प्राचार्यों के जिम्मे रहेगी व्यवस्था
देवीअहिल्या यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने बड़ा फैसला लेते हुए मूल्यांकन केंद्र प्रभारी और ओएसडी के अधिकार खत्म कर दिए हैं। अब ये सारे अधिकार बड़े सरकारी कॉलेजों के प्राचार्य को दे दिए गए हैं। यह निर्णय मूल्यांकन केंद्र के लगातार सामने रहे झूठे दावों और उन गंभीर शिकायतों के चलते लिया गया जो प्रबंधन के लिए सिर दर्द बन गई थीं।
नई व्यवस्था के तहत अब जीएसीसी (गवर्नमेंट अटलबिहारी वाजपेयी आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज), ओल्ड जीडीसी, न्यू जीडीसी, न्यू साइंस और गवर्नमेंट लॉ कॉलेज के पास मूल्यांकन का पूरा जिम्मा रहेगा। इतना ही नहीं झाबुआ, धार, खंडवा और खरगोन में भी लीड कॉलेजों के पास मूल्यांकन की पूरी जिम्मेदारी रहेगी। कॉपियां किसके पास जांचने भेजना है, कब वापस बुलवाना हैं, ये सारे अधिकार प्राचार्यों के पास रहेंगे। मूल्यांकन केंद्र का उन पर कोई दबाव नहीं रहेगा। अब मूल्यांकन में कॉलेज कोड 28 के तहत चयनित प्रोफेसर ही शामिल होंगे। डीएवीवी की बीकॉम, बीए और बीएससी पहले, तीसरे औैर पांचवें सेमेस्टर की हाल ही में शुरू हुई परीक्षा में इसे लागू कर दिया गया है।
शासन ने कहा था- 30 दिन में रिजल्ट दें, केंद्र 180 दिन लगा रहा था
इस बदलाव की असल वजह यह है कि शासन ने पिछले माह हुई बैठक में स्पष्ट आदेश दिया था कि 30 दिन में सारे प्रमुख रिजल्ट घोषित होना चाहिए। 10 से 15 दिन का अतिरिक्त समय कुलपति-कुलसचिव को विशेष परिस्थिति में दिया जा सकता है, लेकिन मूल्यांकन केंद्र तो कोई भी रिजल्ट 180 दिन से पहले देने को तैयार ही नहीं था, इसलिए यह कदम उठाना पड़ा।
कॉलेजोंसे जंचवाएंगे कॉपियां
^मूल्यांकनव्यवस्था में सुधार की दिशा में कदम उठाए हैं। यह बेहद जरूरी था। सभी ने मिलकर तय किया कि कॉपियां बड़े कॉलेजों से जंचवाई जाएं। सारी जिम्मेदारी उन्हीं की रहे ताकि समय पर काम हो सके। -आर.डी. मूसलगांवकर, कुलसचिव,डीएवीवी