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बीएसएनएल अफसर की याचिका पर कोर्ट ने सीवीसी से मांगा रिकॉर्ड
एकलाख 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़े गए बीएसएनएल अफसर की याचिका पर हाई कोर्ट ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) से रिकॉर्ड तलब किया है।
आरोपी प्रदीपसिंह जादौन ने विशेष न्यायालय इंदौर में अपने खिलाफ चल रहे केस को हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में चुनौती दी है। उसने कहा विभाग ने उसके खिलाफ केस चलाने की अभियोजन स्वीकृति देने से दो बार मना कर दिया। बाद में सीवीसी की अनुमति पर चालान पेश किया गया। सीवीसी द्वारा अनुमति देना गलत है, क्योंकि उसे यह अधिकार नहीं है। इसलिए केस समाप्त किया जाए। हाई कोर्ट में हुई ताजा सुनवाई में सीबीआई के इंस्पेक्टर अरुण कदम उपस्थित हुए। सीबीआई की ओर से केंद्र सरकार के अधिवक्ता सोहनलाल नागर ने तर्क दिया कि सीबीआई ने केस सीवीसी के समक्ष पेश किया था। सीवीसी ने केस एक्सपर्ट कमेटी के पास भेजा था। कमेटी की अनुशंसा पर सीवीसी ने चालान पेश करने की अनुमति दी। उसे अनुमति देने का अधिकार है।
पहलेमांगे थे डेढ़ लाख-नागर केमुताबिक, कॉन्ट्रेक्टर रामकिशन पाटीदार निवासी अन्नपूर्णा रोड ने खरगोन के नंदगांव डोंगरगांव में ऑप्टिकल फाइबर लाइन का काम किया था। आरोपी ने बिल पास करने के लिए 11 फरवरी 2009 को डेढ़ लाख रु. की रिश्वत मांगी थी। उसकी शिकायत पर सीबीआई ने 12 फरवरी को आरोपी को 1.20 लाख रु. की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा था।