आर्ट विलेज बन गया था सासारन
मलेशियाके जिस गांव (सासारन) में इंटरनेशनल आर्ट फेस्टिवल हुआ तो वह पूरा गांव ही एक आर्ट विलेज में बदल गया था। हमने उस गांव के घरों की दीवारों पर पेटिंग्स की और यह कितनी अनूठी बात है कि वहां के लोग इसके लिए सहर्ष तैयार हो गया। यह कहना है फाइन आर्ट कॉलेज के स्टूडेंट रहे युवा चित्रकार अनूप श्रीवास्तव का। वे हाल ही में मलेशिया के सासारन इंटरनेशनल आर्ट फेस्टिवल से लौटे हैं। यह फेस्टिवल वहां 27 नवंबर से 9 दिसंबर तक आयोजित किया गया था।
ड्रेगनकी पेंटिंग बनाई
सिटीभास्कर से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने मलेशिया और जापान के अपने दो मित्र-चित्रकारों के साथ वहां के एक घर की दीवार पर ड्रेगन की पेटिंग की। वहां किसी किसी घर में या घर की दीवार पर विभिन्न देशों से आए कलाकारों ने चित्र रचे या शिल्प बनाए। पूरा गांव आर्ट विलेज बन गया।
मलेशियाई मित्र यी के साथ अनूप श्रीवास्तव
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