पासिंग मार्क्स 23, 24 या 25
परीक्षार्थी को एक तिहाई से अधिक नंबर्स लाने पर कर रहे हैं पास
मार्कशीटमें बीएफए परीक्षा में पास होने के लिए 25 न्यूनतम अंक दर्शाया गया है। इस तरह एक ही कोर्स में पास होने के तीन पैमाने बन गए हैं। एक में पास होने के लिए न्यूनतम 23 तो दूसरे में 24 और तीसरे में 25 अंक दिखाए जा रहे हैं। दिसंबर 2013 में हुए इसी विश्वविद्यालय के बीएफए के सातवें सेमेस्टर की मार्कशीट में न्यूनतम अंक 24 दिखाए गए हैं। अब छात्रों के सामने दुविधा यह है कि प्रश्नपत्र में लिखे न्यूनतम अंकों के हिसाब से वे उत्तीर्ण हैं, लेकिन मार्कशीट में न्यूनतम अंक अलग बताए गए है जिसके हिसाब से वे अनुत्तीर्ण हो गए हैं। अनुत्तीर्ण हुए कई छात्रों ने पहले अपने कॉलेजों और बाद में विश्वविद्यालय में संपर्क किया लेकिन रजिस्ट्रार के लेकर कुलपति तक कोई उनकी बात तक सुनने को तैयार नहीं है।
कृपांकदेने में भी कंजूसी
बीएफएके फाइनल सेमेस्टर में जो छात्र प्रश्नपत्र के हिसाब से उत्तीर्ण और मार्कशीट के हिसाब से अनुत्तीर्ण हैं उन्हें यूनिवर्सिटी ने कृपांक देना भी मुनासिब नहीं समझा। अन्य विश्वविद्यालयों में 5 नंबर तक कृपांक देने का प्रावधान है लेकिन यहां पर सिर्फ एक नंबर ही कृपांक के तौर पर दिया जाता है। म्यूजिक और आर्ट की प्रदेश की इस इकलौती यूनिवर्सिटी में आए दिन इसी तरह की गलतियां होती रहती हैं। अभी पासिंग मार्क को लेकर गलती हुई है, जो इसके पहले भी हो चुकी है।
^आए दिनहोती है गलतियां
नियमानुसारउत्तीर्ण होने के लिए प्रश्नपत्र के कुल अंकों का एक तिहाई हासिल करना जरूरी होता है। 70 नंबर का एक तिहाई 23 होता है। यूनिवर्सिटी ने मार्कशीट पर न्यूनतम 25 अंक प्रकाशित कर 23 नंबर वाले कई छात्रों को फेल कर दिया है। यूनिवर्सिटी में आए दिन इस तरह की गलतियां होती रहती हैं जिसकी वजह से हमारे छात्रों को परेशान होना पड़ता है। जुलाई में हुई मीटिंग में मैंने और अन्य कई प्राचार्यों ने यह मुद्दा उठाया था।
शशिकांतमुंडी, प्राचार्य,शासकीय ललित कला संस्थान, इंदौर
^मैं कार्रवाईकरूंगी
एकही परीक्षा में पास होने के तीन पैमानों के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। ऐसा हुआ है तो यह बहुत बड़ी लापरवाही है। मैं इस मामले की पूरी छानबीन कर उचित कार्रवाई करूंगी और हर संभव कोशिश करूंगी कि हमारे छात्रों का साल बर्बाद हो पाए।
स्वतंत्रताशर्मा, कुलपति,मा