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तीन माह में स्थायी तौर पर किए जानेे लगेंगे ई-पंजीयन

7 वर्ष पहले
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प्रदेशके रजिस्ट्रार कार्यालय में ई-पंजीयन योजना अगले महीने से प्रायोगिक तौर पर शुरू होगी। अगले तीन महीने में यह स्थायी तौर पर शुरू हो जाएगी। संभवत: इसे अक्टूबर के पहले सप्ताह में लागू कर दिया जाएगा। पहले इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जाएगा। इसके लिए सब रजिस्ट्रार के अलग-अलग बैच बनाकर उन्हें सॉफ्टवेयर और ई-पंजीयन की ट्रेनिंग दी जा रही है। इस योजना के लागू होने के बाद रजिस्ट्री का पूरा काम ऑनलाइन होगा।

शुरु में सीहोर, अनूपपुर, बालाघाट, टीकमगढ़ और उज्जैन में इसे लागू किया जाएगा। इंदौर में साल के अंत तक लागू करने की तैयारी है। ई-रजिस्ट्री की ट्रेनिंग इंदौर में अब तक कुल 44 अफसर और कर्मचारी ले चुके हैं। ट्रेनिंग के दौरान ई-पंजीयन को लेकर आने वाली कई व्यावहारिक समस्याओं पर भी चर्चा हो रही है। थर्ड जेंडर, माता-पिता के अलावा अन्य ऑप्शन, संपत्ति के क्रेता-विक्रेता की ई-मेल आईडी से संबंधित व्यावहारिक समस्याओं से भी अवगत कराया जा रहा है। इसमें एक बड़ी समस्या यह बताई जा रही है कि ग्रामीण लोगों के पास ई-मेल आईडी नहीं होता है। ऐसे में ई-मेल आईडी के बिना सॉफ्टवेयर में आगे की एंट्री ही नहीं होगी। इसी तरह की सामान्य लेकिन व्यावहारिक समस्याएं ट्रेनिंग के दौरान हल की जा रही हैं। अलग-अलग जिलों में आने वाली समस्याओं को हल करने के लिए सॉफ्टवेयर में भी संशोधन किया जाएगा। हालांकि, इंदौर जिले में तैयारी पूरी है।

स्टाम्पका रोल खत्म होगा

ई-रजिस्ट्रीके बाद रजिस्ट्री में लगने वाले स्टाम्प की मारामारी भी खत्म हो जाएगी। इसके लिए ई-स्टाम्प की व्यवस्था की जा रही है। अभी भी इंदौर जैसे कार्यालयों में स्टाम्प की जगह फेंकिंग मशीन लगाई गई है। हालांकि, इसका प्रयोग नाममात्र के लिए ही होता है। अकसर यह मशीन खराब ही रहती है। स्टाम्पवेंडरों के फायदे के लिए इसे खराब कर एक जगह रखने के आरोप लगते रहे हैं।

^सभी कोसात-सात दिन की ट्रेनिंग दी जा रही है

ई-रजिस्ट्रीके लिए इंदौर में अब तक 44 लोगों की ट्रेनिंग हो चुकी है। अफसरों और कर्मचारियों को बारी-बारी से सात-सात दिन की ट्रेनिंग दी जा रही है। कम्प्यूटराइजेशन का काम पहले से चल रहा है। शुरुआत में ई-रजिस्ट्री का काम पायलेट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के कुछ जिलों में किया जाएगा। इसके बाद इसे इंदौर में संभवत: इस साल के अंत तक शुरू कर दिया जाएगा। -सत