पांच मरीजों को डेंगू, एक की मौत
शहरमें डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सोमवार को पांच मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इनमें से निजी अस्पताल में इलाज करवा रहे हेमोरेजिक डेंगू पीड़ित की मौत भी हो गई। यह वह अधिकारिक आंकड़ा है, जो एमजीएम मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी विभाग की एलाइजा जांच में सामने आया है। इस माह अभी तक सात मरीजों में बीमारी की पुष्टि हो चुकी है।
नेताजी सुभाष मार्ग स्थित 21 साल के युवक की रविवार रात को मौत हो गई। उसे 5 सितंबर को ग्रेटर कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन दो दिन में ही वह हेमोरेजिक फीवर की स्थिति में पहुंच गया था। उसे करीब 30 से 35 यूनिट प्लेटलेट्स लगाना पड़े। आईडीएसपी प्रभारी डॉ. जी.एल. सोढ़ी ने बताया कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग से सोमवार देर शाम रिपोर्ट मिली, जिसमें बीमारी की पुष्टि हुई। चार मरीजों को 13 सितंबर को ही डिस्चार्ज कर दिया गया था।
डेंगू के मरीज
2012
2013
2014
6
7
18
अगर डेंगू के वायरस वाले एक से ज्यादा मच्छर ने काटा हो तो ब्लड क्लॉट सिस्टम नष्ट हो जाता है। इसके कारण कई बार शरीर के विभिन्न हिस्सों से खून निकलने लगता है। शरीर में प्लेटलेट्स की कमी हो जाती है। इसकी वजह से अतिरिक्त प्लेटलेट्स देना पड़ जाते हैं। मरीज हेमोरेजिक डेंगू फीवर की स्थिति में पहुंच जाता है।
{धीरे-धीरे दर्द बढ़ता हुआ हाथ-पैर, कमर, पीठ जोड़ों तक पहुंच जाता है।
{इसके बाद सिरदर्द और आंखों के पीछे के हिस्से में दर्द शुरू होता है।
शरीर पर इस तरह अटैक करता है डेंगू
{मच्छर काटने के दो से तीन दिन बाद इसका असर दिखता है। पीड़ित को पहले बुखार आता है।
शरीर पर लाल रेशे भी बनने लगते हैं।