गोम्मटगिरि पर हुई सामूहिक क्षमावाणी
इंदौर| गोम्मटगिरिपर श्रीजी कलशाभिषेक और सामूहिक क्षमावाणी कार्यक्रम हुआ। शुभारंभ पं. रतनलाल शास्त्री के मंगलाचरण से हुआ। इस अवसर पर विप्रणतसागरजी ने श्रमण संस्कृति में क्षमा का महत्व विषय पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा- क्षमा जहां एक ओर कर्म निर्जरा करती है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक समरसता मैत्री भाव को पृथक करने वाला मार्ग है। जानकारी भगवान बाहुबली दिगंबर जैन ट्रस्ट अध्यक्ष कमल सेठी ने दी।