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एक साल की बच्ची को घर छोड़ परीक्षा दी, एक पल में सब खत्म

7 वर्ष पहले
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मैडम,आप ही अंदाजा लगाइए मैं दोबारा कैसे पढ़ाई करूंगा और कैसे परीक्षा दूंगा। मेरे सामने बड़ा संकट पैदा हो जाएगा। भूख हड़ताल के अलावा मेरे पास कोई रास्ता नहीं बचेगा। पीएससी 2012 की मुख्य परीक्षा पास कर इंटरव्यू के लिए चयनित हो चुके ब्लाइंड प्रतिभागी संजय यादव अपने संघर्ष की कहानी बयां करते-करते रो पड़े।

पीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक कीर्ति खुरासिया के समक्ष चयनित छात्रों ने अपनी पीड़ा व्यक्त की। प्रतिभागी जयश्री का कहना था कि पिछले साल अक्टूबर में 23 दिन परीक्षा चली। मैं अपनी एक साल की बच्ची को घर छोड़कर परीक्षा देने आती थी। देर रात तक पढ़ाई करती थी, लेकिन एक पल में सब खत्म किया जा रहा है। प्रतिभागियों का कहना था कि परीक्षा निरस्त हुई तो हमारा भविष्य संकट में पड़ जाएगा। प्रतिभागियों की बात सुनकर उप परीक्षा नियंत्रक भी भावुक हो गईं।

चेतावनीदी, अब कदम पीछे नहीं हटाएंगे

प्रतिभागियोंने पीएससी दफ्तर पर धरना-प्रदर्शन भी किया। सभी ने चेतावनी दी कि अगर सप्ताहभर में इंटरव्यू की तारीख तय नहीं की गई, तो हमारे पास सारे विकल्प खुले हैं। हम कोर्ट भी जाएंगे और भूख हड़ताल भी करेंगे।

^परचा कितने छात्रों तक पहुंचा इसकी जानकारी हमें दी गई एफआईआर की प्रति में नहीं है। एसटीएफ से हमें दो-तीन दिन में विस्तृत रिपोर्ट मिल जाएगी। उसे समझने के बाद ही फैसला लिया जाएगा। -मनोहरदुबे, सचिव,पीएससी

समझने के बाद लेंगे निर्णय

65 से ज्यादा प्रतियोगियों तक पहुंचा था परचा

दरअसल पीएससी परीक्षा निरस्त करने अथवा नहीं करने का निर्णय इस आधार पर होगा कि परचा कितने प्रतिभागियों तक पहुंचा था। कितने प्रतिभागी ऐसे हैं, जो पहले से परचा देखकर मुख्य परीक्षा में शामिल हुए। फिलहाल एसटीएफ जांच में यह बात सामने आई है कि 65 से ज्यादा प्रतिभागियों के पास अलग-अलग स्तर पर परचा पहुंचा था। एसटीएफ ने कोर्ट में पेश किए चालान में भी इसका जिक्र किया है। इन छात्रों के जरिये परचा और कितने प्रतियोगियों तक पहुंचा, यह भी पता लगाया जा रहा है। इसकी जानकारी भी जुटाई जाएगी कि इंटरव्यू में सिलेक्टर हो चुके प्रतिभागियों में से तो कोई ऐसा नहीं था, जिसने परचा खरीदकर परीक्षा दी हो। विस्तृत रिपोर्ट में इसकी पुष्टि होती है, तो पीएससी प्रबंधन के पास परीक्षा निरस्त करने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं रहेगा।

{पीएससी-2012 के इंटरव्य