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गुड़गांव पुलिस ने इंदौर के सीए को किया गिरफ्तार
शहरके सीए नितिन मंगल को हाल ही में गुड़गांव पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गुड़गांव कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भी भेज दिया है। इंडिया बुल्स कंपनी ने सीए पर प्रकरण दर्ज कराया है कि उन्होंने कंपनी की छवि खराब करने वाला अभिमत दिया था। मंगल की गिरफ्तारी पर इंदौर सीए एसोसिएशन में काफी नाराजगी है।
मंगल के साथी सीए बलबीर सिंह गांधी ने बताया कि कनाडा की प्रमुख इक्विटी रिसर्च कंपनी वेरिटास कॉर्प द्वारा इंडिया बुल्स ग्रुप की वित्तीय स्थिति को लेकर अभिमत मांगा गया था। इसमें पूछा गया था कि शेयर होल्डर्स को इस कंपनी के शेयर्स बेचने चाहिए या नहीं। मंगल ने साल 2012 में वेरिटास कॉर्प को सलाहकार के नाते बुल्स के शेयर बेचने का अभिमत दिया था। शेष-पेज 6 पर
वेरिटासकंपनी ने कई कंपनियों को लेकर रिपोर्ट जारी की, जिसमें बुल्स के स्टॉक बेचने की भी राय प्रकाशित की गई। इसी रिपोर्ट से नाराज होकर कंपनी ने मुंबई और गुड़गांव में कॉर्प और मंगल के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया था।
15 हजार पन्नों के आधार पर दी थी रिपोर्ट
बुल्स की मुख्य शिकायत है कि मंगल ने रिपोर्ट देने से पहले कंपनी से दस्तावेज नहीं लिए। वहीं मंगल ने रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी, शेयर ट्रेडिंग एजेंसी अन्य जगह कंपनी द्वारा पेश की गई रिपोर्ट की सर्टिफाइड कॉपी लेकर अपनी 40 पन्नों की अभिमत रिपोर्ट बनाई थी, जिसके सपोर्ट में 15 हजार पन्ने भी लगाए थे।
वेरिटास ने की निष्पक्ष जांच की मांग
अपने सलाहकार के पक्ष में वेरिटास के सीईओ प्रेसीडेंट एंथनी स्किलीपोटी ने भारत सरकार को टोरंटो (कनाडा) से एक पत्र जारी किया है। इसमें अपनी रिपोर्ट तो तथ्यात्मक बताते हुए भारत सरकार से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, जिससे सीए पर लगे आरोपों की सच्चाई सामने सके।
लंदनमें प्रकरण हुआ तो फिर भड़की कंपनी
दोसाल पहले मंगल को मुंबई में दर्ज प्रकरण के मामले में हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई थी। इसके बाद मामला ठंडा रहा, लेकिन करीब एक माह पूर्व वेरिटास कॉर्प ने लंदन की कोर्ट में बुल्स के खिलाफ प्रकरण दर्ज करा दिया। इससे मामला गरमा गया और गुड़गांव में दर्ज प्रकरण के आधार पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
अभिमत देना गैरकानूनी नहीं
सीएइंदौर ब्रांच के पदाधिकारी अभय शर्मा का कहना है कि सीए का काम ही कंपनियों को अभिमत देना है, यह गैरकानूनी नहीं है।