लोक अदालत में पहली बार इतना बड़ा मुआवजा
इंजीनियर की सड़क हादसे में मौत, मुआवजा 99.50 लाख
एकसॉफ्टवेयर इंजीनियर की सड़क हादसे में मौत के मामले में मृतक के परिजनों को दुर्घटना बीमा क्लेम के रूप में 99 लाख 50 हजार रुपए मिलेंगे। शनिवार को आयोजित लोक अदालत में बीमा कंपनी मृतक के परिजनों समझौता पत्र पर मुहर लगेगी। लोक अदालत में इतनी राशि के क्लेम का संभवत: यह पहला फैसला है।
एडवोकेट मुकेश पी. जैन ने बताया तिलक नगर निवासी 31 वर्षीय अपूर्व लोकेंद्र अजमेरा की कार को 27 सितंबर 2012 को पूणे के नजदीक ट्रक ने टक्कर मार दी थी। अपूर्व मुंबई की सॉफ्टवेयर कंपनी में प्रोजेक्ट लीडर थे। इंदौर की जिला अदालत में अपूर्व की प|ी मेघा की ओर से आईसीआईसीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ क्लेम प्रकरण दायर किया। केस की सुनवाई दशम मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के सदस्य एडीजे एमके सैनी की कोर्ट में चल रही थी। शीघ्र न्याय के लिए दोनों पक्षों ने पहल की और समझौते के तहत केस के निपटारे पर तैयार हो गए।
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जिलाएवं सत्र न्यायाधीश एनवी कौर कांद्रा सुबह 10.30 बजे लोक अदालत के उद्घाटन के मौके पर समझौता पत्र मृतक के परिजनों को सौंपेंगी।
ड्राइवरकी लापरवाही पर ही..- पुलिसके दस्तावेजों, चश्मदीद गवाहों आदि से वकील को सिद्ध करना पड़ता है कि टक्कर मारने वाले वाहन के ड्राइवर की गलती से हादसा हुआ। मृतक की आय के सबूत पेश करना होते हैं। यदि ड्राइवर के पास लाइसेंस या गाड़ी के जरूरी दस्तावेज नहीं हो तो बीमा कंपनी की जिम्मेदारी नहीं बनती। ऐसी स्थिति में संबंधित गाड़ी मालिक को राशि चुकाना पड़ती है।
डेढ़लाख केस के निपटारे का लक्ष्य
शनिवारको प्रदेश की सभी अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जा रही है। इंदौर में जिला अदालत महू, देपालपुर, सांवेर की अदालतों के डेढ़ लाख प्रकरणों के निराकरण का लक्ष्य रखा गया है।