सबसे खूबसूरत अहसास है वुमनहुड
यहसही है कि आज भी हमारी सोसायटी में जेंडर अनइक्वलिटी है। लड़के और लड़की में लोग फर्क करते हैं, लेकिन मुझे बहुत खुशी और फख्र है कि मैं लड़की हूं। वुमनहुड से खूबसूरत कोई अहसास नहीं। जिन्हें समझना है वे समझें हमें इक्वल, हम तो वुमनहुड एंजॉय कर रहे हैं और हर फ्रंट पर खुद को साबित भी कर रहे हैं।
यह कहती हैं एक्ट्रेस मानसी श्रीवास्तव जो फिलहाल ज़ी टीवी पर प्रसारित हो रहे \\\"दो दिल बंधे एक डोरी से\\\' में नज़र रही हैं। बुधवार को शो प्रमोशन के लिए वे शहर में थीं। पढ़िए उनसे बातचीत -
फोटो | विजय भट्ट
One-to-one
एजुकेशन से ही आएगी इक्वलिटी
शोमें भी सोसायटी में फैली अनइक्वलिटी दिखाई जा रही है। इसे कम और खत्म करने के लिए एजुकेशन पर फोकस करना होगा। एजुकेशन सिर्फ नौकरी पाने के लिए नहीं, खुद को पहचानने और एक सभ्य समाज बनाने के लिए भी ज़रूरी है।
पेंटिंगतब करती हूं जब खुश या दु:खी होती हूं
थिएटरने मुझे बतौर इंसान ग्रो करने में हेल्प की। पहले मैं इंट्रोवर्ट थी लेकिन अब लोग मुझे मुखर कहते हैं। जब बहुत खुश या दु:खी होती हूं, मैं पेंटिंग भी करती हूं।
एक्ट्रेस मानसी श्रीवास्तव ने सिटी भास्कर के लिए खास फोटोशूट कराया।