डीजे से ज्यादा एक एंटरटेनर हूं
शनिवार को डीजे रविश शहर में थे। सिटी भास्कर ने उनसे खास बातचीत की।
डीजे रविश
ONE-TO-ONE
िसटी रिपोर्टर :इंदौर
केलकुलेशनहर फील्ड में किया जाता है चाहे वो बिजनेस हो या फिर म्यूजिकल परफॉर्मेंस। जब भी किसी पार्टी में कंसोल पर म्यूजिक बीट्स तय कर रहे होते हैं तो माइंड में हमेशा केलकुलेशन चलता रहता है कि अब कौनसा ट्रैक प्ले करना है। यह रिद्म और टेम्पो के लिए जरूरी है। एक डीजे से ज्यादा में अपने आप को एंटरटेनर समझता हूं। यह कहना है डीजे रविश का। वे शनिवार को होटल सयाजी के कोरम में हुई डीजे पार्टी के लिए शहर में थे। सिटी भास्कर से उनसे खास बातचीत की।
पढ़ाईके साथ की प्रैक्टिस
लोगसमझते हैं कि पढ़ाई में एवरेज होगा इसलिए डीजे बन गया। फाइनेंस में एमबीए भी किया। जब 10वीं क्लास में था तब पहली बार बड़े भाई के रूम में सॉन्ग्स की कैसेट्स का कलेक्शन देखा तो इंट्रेस्ट पैदा हुआ। इसके बाद फिर मैंने मुड़कर नहीं देखा।
ऐसामोमेंट जो नहीं भूलूंगा
उन्होंनेबताया कि कतर में इंटरनेशनल लेवल पर परफॉर्म करने का पहला मौका था। वहां जाने के एक दिन पहले पिताजी का एक्सीडेंट हो गया। मैंने वहां जाना कैंसिल कर दिया था लेकिन पिताजी ने मोटिवेट किया और पहले ब्रेक में सक्सेस मिली। डीजे अकबर सामी मेरे रोल मॉडल हैं।