पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • तेंदुआ भागा था रोड पर, खोजी कुत्ता सर्चिंग करते करते बस्ती में घुसा

तेंदुआ भागा था रोड पर, खोजी कुत्ता सर्चिंग करते-करते बस्ती में घुसा

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
शहरकी सड़कों पर आठ दिन पहले दिखे तेंदुए को तलाशने में भोपाल से आया खोजी कुत्ता जैकी भी असफल रहा। नगर निगम के प्रोटोकॉल अफसर के घर से उसने सर्चिंग शुरू की। आंगन में तो उन सभी जगह पर गया जहां तेंदुआ घूमा था, लेकिन उसके बाद तेंदुए की गंध पकड़ नहीं पाया।

प्रोटोकॉल अधिकारी अशोक राठौर के घर से कूदने के बाद तेंदुआ जू की तरफ दौड़ता हुआ दिखा था, लेकिन जैकी उसकी विपरीत दिशा में पहुंच गया। आजाद नगर के हॉकी मैदान से होते हुए वह बस्ती में जा घुसा, जबकि तेंदुआ वहां गया ही नहीं था।

आंगनमें हुआ सक्रिय

जैकीको तीन बार राठौर के घर के आंगन में ले जाया गया। तेंदुए ने जहां से कूदने की कोशिश की और जहां से कूदते हुए बाहर गया, उन सभी जगह पर जैकी की हरकत तेज हुई। उसने दीवार पर पंजे भी मारे। एसडीओ (फॉरेस्ट) आरएन सक्सेना के मुताबिक जैकी को तीन दिन तक रेडियो कॉलोनी और आसपास के इलाकों में घुमाया जाएगा।

चिड़ियाघर के पास की कॉलोनी में पुलिस स्निफर डॉग के साथ जांच करने पहुंची तो वहां लोगों की भीड़ जुट गई।

वन विभाग में दो तरह के प्रशिक्षित कुत्ते हैं। एक तरह के कुत्ते बाघ को पहचानने के लिए प्रशिक्षित हैं तो जैकी केवल तेंदुए की पहचान करने में सक्षम है। जैकी ने इससे पहले सीहोर, भोपाल के आसपास ग्रामीण इलाकों में भी तेंदुआ होने की पहचान की है। जब उसे सर्चिंग के लिए लाया जाता है तो वह तेंदुए की गंध ही ढूंढता है।

केवल तेंदुए की पहचान करता है जैकी