इंदौर. एमवाय अस्पताल में अब डिजिटल एक्स-रे के अलावा थैलेसीमिया, कैंसर के मार्कर की जांच भी हो सकेगी। यह सुविधा गरीब मरीजों के लिए पूरी तरह नि:शुल्क होगी। अन्य सामान्य मरीजों का इसके लिए बाजार मूल्य से आधा शुल्क चुकाना पड़ सकता है। हालांकि अभी इसे लेकर कोई सहमति नहीं बनी है। कॉलेज की कार्यकारिणी की बैठक में जांच की दरें तय की जाएंगी।
एमजीएम मेडिकल कॉलेज प्रशासन प्रोजेक्ट कायाकल्प के तहत नई ओपीडी बिल्डिंग में अत्याधुनिक रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटर बना रहा है। इसी के तहत बेंगलुरू से पौने दो करोड़ की लागत की दो मशीनें खरीदी गई। इनमें से एक नई ओपीडी दूसरी मशीन पुरानी बिल्डिंग में इंस्टाल की जाएगी। 13 दिसंबर के पहले काम पूरा हो जाए, ऐसी कोशिश की जा रही है। प्रशासन मुख्यमंत्री से इसका लोकार्पण करवाना चाहता है।
संभवत: एमवाय अस्पताल प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल होगा जहां डिजिटल एक्स-रे की सुविधा रहेगी। शहर में कुछ निजी अस्पतालों में ही यह मशीन है। मशीन खासियत यह है कि यह छत से लटकेगी। डिजिटल एक्स-रे मशीन न्यूनतम मात्रा में विकिरण उत्सर्जित करती है।
बाजार में 500 से 600 रुपए शुल्क
बाजारमें डिजिटल एक्स-रे की सिंगल फिल्म के लिए 400 रुपए तक लिए जाते हैं। तीन फिल्म एक्स-रे के लिए 600 से एक हजार रुपए तक लिए जाते है। कॉलेज से मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल जांच दर का निर्धारण नहीं किया है लेकिन बीपीएल दीनदयाल कार्डधारकों से पैसा नहीं लिया जाएगा। सामान्य मरीजों से संभवत: आधा शुल्क लिया जा सकता है।
फ्लो साइटोमीटर, कलर डॉप्लर मशीनें भी खरीदी
कॉलेज प्रशासन ने फ्लो साइटोमीटर मशीन भी खरीदी है। यह कैंसर के मार्कर, थैलेसीमिया अन्य रक्त संबंधी विकारों की जांच में बेहद महत्वपूर्ण है। निजी अस्पताल डायग्नोस्टिक सेंटर पर भी सैंपल लेकर मेट्रो सिटी में भेजना पड़ते हैं। केजुअल्टी के लिए कम्प्यूटर रेडियोग्राफी मशीन भी खरीदी गई है। इसका इंस्टालेशन भी किया जा रहा है। डिजिटल मेमोग्राफी मशीन ली जाना है जिसके लिए शासन को एक करोड़ 80 लाख रुपए का प्रस्ताव भेजा गया है।