मानवीय मूल्यों के आधार पर हो विकास
मानवीयमूल्यों के आधार पर ही घर-परिवार, समाज और देश का विकास होना चाहिए। इसलिए हमें केवल अधिकार ही नहीं कर्तव्यों का भी ध्यान रखना चाहिए। यह बात जस्टिस डीएम धर्माधिकारी ने बुधवार को प्रीतमलाल दुआ सभागृह में कही। वे यूनिवर्सन पीस एंड सोशल डेवलपमेंट सोसायटी के कार्यक्रम मानवाधिकार और विकास विषय पर बोल रहे थे।
शहरीकरणही विकास नहीं
उन्होंनेकहा कि शहरीकरण ही विकास नहीं, हमें गांवों के विकास पर भी ध्यान देना होगा। अध्यक्षीय उद्बोधन में जस्टिस पीडी मूल्ये ने कहा कि मानवता को बचाए रखना ही मानवाधिकार है। इसकी हर हाल में रक्षा की जाना चाहिए। पूर्व महाधिवक्ता आनंदमोहन माथुर ने कहा कि रोटी, कपड़ा और मकान मनुष्य की बुनियादी जरूरतें हैं और ये उनके अधिकार हैं। संचालन आलोक खरे ने किया और आभार माना रामेश्वर पटेल ने।
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