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प्रीतमलाल दुआ आर्ट गैलरी में दो महिला चित्रकारों की एक्जीबिशन

7 वर्ष पहले
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प्रीतमलाल दुआ आर्ट गैलरी में दो महिला चित्रकारों की एक्जीबिशन गुड अर्थ और जर्नी विदिन शुरू हुई।

सिटी रिपोर्टर.इंदौर

सरोवरमें खिले सफेद कमल के फूल, खूबसूरत छत्रियां, नदी के ऊपर से उड़ते पंछी और झा़ड़ियों के बीच हिरनों का जोड़ा। ला-पीले खिले फूल। इसके साथ ही घने जंगलों के बीच से गुजरती मानवाकृति, कलरफुल फ्लॉवर पैटर्न और हरे-नीरंगी-पीले रंगों का नियंत्रित बहाव। ये कुछ ऐसी चित्रकृतियां हैं जो अपनी सुंदरता और पवित्रता में सहज ही दर्शकों का ध्यान खींचती हैं। ये पेटिंग्स दो महिला चित्रकारों की हैं। एक हैं पद्मिनी काकड़े और दूसरी हैं विजयलक्ष्मी नायडू। इनकी एक्जीबिशन गुड अर्थ और जर्नी विदिन शुक्रवार से प्रीतमलाल दुआ आर्ट गैलरी में शुरू हुई।

धैर्यऔर रमने का भाव

पद्मिनीकाकड़े ने सुंदरता को अपना अभीष्ट मानते हुए कैनवास पर प्रकृति के नज़ारों के रचा है। वे प्रकृति की सुंदरता के साथ ही उसकी नीरवता और पवित्रता को कोमल रंगों में रचने की कलात्मक कोशिश करती हैं। ग्रीन ड्री्म, इटरनल फ्लाइट, ट्रेंक्विटी और डेज़र्ट ब्लूम में वे यह सब कुछ रचती हैं। इस रचने में उनका धैर्य भी दिखता है और उसमें रमने का भाव भी।

रंगोंका लयात्मक बहाव

विजयलक्ष्मीनायडू कहीं कहीं अपने बोल्ड ब्रेश स्ट्रोक्ट्स से कलरफुल फ्लॉवर्स पैटर्न बनाती हैं तो कहीं लाल-पीले-हरे और नारंगी रंगों को नियंत्रित ढंग से बहने देती हैं। उनकी यह चित्र युक्ति उनके कैनवास को एक लयात्मकता देती है जो मनोहारी है। घने जंगलों में जाती एक स्त्री और मीरा के रूपों को वे सहजता से रचते हुए भिन्न मायने देती हैं। इन्हें देखना सुकूनदायक है।

painting EXHIBITION

प्रकृति की सुंदरता और रंगों का बहाव