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छह साल से नहीं देख पा रही बच्ची, सर्जरी के बाद अब रोशनी की उम्मीद
उम्रमहज दस साल, लेकिन पांच साल से दिखाई नहीं देता है। बच्ची के जीवन में छाया अंधेरा अब दूर होने की उम्मीद बंधी है। बुधवार को इंदौर के एक निजी अस्पताल में कार्निया प्रत्यारोपण का ऑपरेशन हुआ।
गुना के ग्राम सरदौसा निवासी बालू सिंह पेशे से किसान हैं, जिनकी 10 साल की बेटी सुमन को दोनों आंखों से दिखना बंद हो गया। इलाज के लिए जगह-जगह भटके। कई अस्पतालों में जांच भी करवाई लेकिन पैसों की तंगी के चलते कार्निया प्रत्यारोपण नहीं करवा पा रहे थे। वे बताते हैं कि पहले एक आंख से धूंधला दिखता था। स्कूल भेजते थे, लेकिन पढ़ाई नहीं कर पाती है। ग्रामीण मान्यता के चलते कई बाबा के पास झाड़-फूंक भी करवाई। उसकी आंख धीरे-धीरे फैलने लगी थी। धीरे-धीरे दिखना कम हो गया है। कलेक्टर शेखर वर्मा से मिले। उन्होंने ही इंदौर के एक निजी हॉस्पिटल के डॉ. सुधीर महाशब्दे से मिलवाया। बुधवार सुबह बच्ची की आंख का नि:शुल्क ऑपरेशन किया गया। डॉ. महाशब्दे ने बताया कि कुछ दिन पहले बच्ची मेरे पास आई थी, लेकिन हमें स्वस्थ कार्निया के लिए इंतजार करना पड़ा। एमके इंटरनेशनल आई बैंक ने हमें कार्निया उपलब्ध करवाया तब जाकर ऑपरेशन किया गया।
इस बच्ची की आंख का आपरेशन हुआ।