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रिटायर्ड मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी सहित आठ को 3-3 साल जेल

7 वर्ष पहले
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दोमहिला सफाईकर्मियों की अवैध अनुकंपा नियुक्ति में जिला अदालत ने निगम के सेवानिवृत्त मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंद पुराणिक सहित आठ आरोपियों को तीन-तीन साल कैद 10-10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। इनमें दोनों महिलाएं भी हैं। 14 साल पुराने इस मामले में लोकायुक्त पुलिस ने इन सभी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज कर चालान पेश किया था।

विशेष न्यायाधीश इंद्रा सिंह ने डॉ. पुराणिक, जोनल अधिकारी राजकुमार माहेश्वरी, स्वास्थ्य निरीक्षक एसके बेहर, उपनिरीक्षक अमरदीप चौहान, निगम स्वास्थ्य विभाग के लिपिक आनंद कंडारे, कल्याण अधिकारी अशोक गौहर, अनुकंपा नियुक्ति पाने वाली सुनीता पति दरियाव एवं राधाबाई को सजा सुनाई। शेष-पेज 6 पर



अंतिमबहस में लोकायुक्त पुलिस के विशेष लोक अभियोजक डॉ. साकेत व्यास ने तर्क दिए कि डॉ. पुराणिक ने यह जानते हुए भी नियुक्ति पत्र पर हस्ताक्षर किए थे कि सरकार ने नई नियुक्तियों पर प्रतिबंध लगा रखा था। डॉ. व्यास ने 17 गवाहों के बयान कर साबित किया कि आरोपियों ने पद का दुरुपयोग कर अवैध नियुक्ति दी। आरोपियों को अपील के लिए तत्काल जमानत दे दी गई।

यह है मामला

- राधाबाई को ससुर के निधन के बाद एवं सुनीता पति दरयावसिंह को पिता के निधन के बाद 2001 में बेलदार (सफाईकर्मी) पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी थी।

- कर्मचारी नेता नागेश गौहर द्व‌ारा निगम को शिकायत के बाद मामला लोकायुक्त पुलिस को सौंपा था। 2007 में आरोपियों पर केस पंजीबद्ध किया। जांच में पता चला दोनों महिलाएं अनुकंपा नियुक्ति की पात्र नहीं थीं।

- जांच में यह भी सामने आया कि तत्कालीन नगरीय प्रशासन मंत्री सज्जन वर्मा ने सुनीता को नियुक्ति देने के लिए निगम को नोटशीट लिखी थी।

- आरोपी सुनीता विवाहित दो बच्चों की मां थी, लेकिन उसने यह तथ्य छिपाते हुए पिता के स्थान पर अनुकंपा नियुक्ति पाई।

- 15 जनवरी 09 को चालान पेश किया था। तब से प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन था।

डॉ. पुराणिक