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मेट्रो रेल कंपनी का गठन, मुख्यमंत्री होंगे चेयरमैन
इंदौरऔर भोपाल में प्रस्तावित महत्वाकांक्षी लाइट मेट्रो ट्रेन परियोजना के संचालन के लिए ‘मेट्रो रेल कंपनी लिमिटेड’ के गठन को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इस कंपनी के संचालक मंडल में चेयरमैन मुख्यमंत्री तथा वाइस चेयरमैन नगरीय विकास एवं पर्यावरण मंत्री होंगे। इसके अलावा कंपनी में मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग, दोनों बड़े शहरों के महापौर कमिश्नरों को भी रखा गया है। पहले कंपनी में महापौर को नहीं रखा गया था, लेकिन उच्च शिक्षामंत्री उमाशंकर गुप्ता के कहने पर महापौर भी शामिल हुए।
सरकार के प्रवक्ता स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि कंपनी के गठन के अलावा प्रोजेक्ट की प्रगति की प्रतिदिन की समीक्षा समन्वय करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गवर्निंग बॉडी बनाई गई है। विभाग के सूत्रों का कहना है कि कंपनी के संचालक मंडल की पहली बैठक फरवरी के आखिरी सप्ताह तक हो सकती है। बुधवार को नगरीय विकास एवं पर्यावरण मंत्री कैलाश विजयवर्गीय परियोजना की समीक्षा को लेकर बैठक करेंगे।
कंपनीएक्ट में होगा रजिस्ट्रेशन : नगरीयविकास एवं पर्यावरण मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का कहना है कि कंपनी एक्ट के तहत पहले रजिस्ट्रेशन होगा। इसमें तीन माह का समय लगेगा। चूंकि लाइट मेट्रो को पूरा करने का कार्यक्रम 2021 तक तय है। सरकार इसे 2018 तक ही पूरा करना चाहती है, इसलिए सेपरेट बॉडी बनकर कंपनी काम करेगी। विभाग के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि अभी तक नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग इस काम को देख रहा था, जिसके पास दूसरे काम भी हैं। इसके अलावा छोटे मामले को कैबिनेट में ले जाना पड़ता था। कंपनी बनने के बाद यह अपने फैसले ले सकेगी। कामकाज की रूपरेखा भी जल्द तय होगी।
बाजारसे पैसा उठाएगी कंपनी : लाइटमेट्रो की परियोजना पर भोपाल में 23 हजार करोड़ इंदौर में 21 हजार करोड़ रुपए व्यय होने हैं। दोनों जगह लाइट मेट्रो की लंबाई 75 किमी है। कंपनी बाजार से पैसा उठाने की कोशिश करेगी। अभी इस परियोजना के लिए 30 करोड़ रुपए मंजूर हुए हैं, जिनसे डीपीआर फाइनल हो रही है। इसके अलावा जबलपुर और ग्वालियर में प्री-फिजिबिलिटी सर्वे भी किया जा रहा है।