िसटी रिपोर्टर इंदौर
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कथक,गायन और वादन की त्रिवेणी ने रविवार की सुबह को सुरीला बना दिया। ओम पूर्णवदी संगीत कला अकादमी के कार्यक्रम में शहर की नृत्यांगना शांभवी तिवारी ने कथक की गरिमा को बनाए रखते हुए तीन ताल से शुरुआत की। आमद, तोड़े, परण और तिहाइयां पेश की। इसके बाद बसो मोरे नैनन मोरे नंदलाल पर प्रभावी कथक प्रस्तुत किया।
मैंतो पिया संग लड़ पछताई रे
दूसरीप्रस्तुति में प्रवीण शर्मा बांसुरी वादन की शुरुआत राग हंसध्वनि से की। उन्होंने तीन ताल में बंदिश पेश करने के बाद राग जोग में गत बजाकर समापन किया। अंतिम प्रस्तुति में राग मालकौंस में विलंबित में बड़ा खयाल पीर जाने रे बालमा गाया। फिर तीन ताल में मैं तो पिया संग लड़ पछताई रे पेश किया। फिर द्रुत में आवन नहीं देत मोहे कन्हाई रे से समापन किया।
प्रभावी कथक और राग मालकौंस