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सॉफ्टवेयर पकड़ रहा पुलिस की लापरवाही

6 वर्ष पहले
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जेलमें कैदियों की जानकारी के लिए बनवाए गए सॉफ्टवेयर से पुलिस की लापरवाही भी पकड़ी जा रही है। कई थाना प्रभारी ऐसे हैं, जो आरोपी से पूछताछ किए बिना ही जेल भेज देते हैं। इसके कारण ज्यादा मामलों का खुलासा नहीं हो पाता।

डीआईजी राकेश गुप्ता ने बताया जेल में भेजे जाने वाले हर आरोपी का जेल फॉर्म अब सॉफ्टवेयर से ही बन रहा है। हर दिन थाने से जेल भेजे जाने वाले आरोपी की जानकारी अधिकारियों को भी मिल जाती है। इससे पता चला थानों पर जिन आरोपियों की गिरफ्तारी की जा रही है उनसे बिना पूछताछ के अगले ही दिन जेल भेज दिया जाता है। चोर, लुटेरों से सख्ती से पूछताछ की जाए तो अन्य वारदातें भी पता चल सकती हैं। कई थाने लापरवाही बरत रहे हैं। अब यह नहीं चलेगा। जो भी थाना प्रभारी लापरवाही करेगा, उसे सजा दी जाएगी।

इनथाना प्रभारियों की हुई परेड

बिनाजांच पड़ताल के जितने भी थानों से आरोपियों को जेल भेजा गया उनकी पेशी डीआईजी के सामने होने लगी है। पिछले दिनों छत्रीपुरा, चंदन नगर, तुकोगंज और एमजी रोड के थाना प्रभारियों को डीआईजी के सामने पेश होना पड़ा। इन थानों में चोर और लुटेरे गिरफ्तार हुए थे। पुलिस ने बिना रिमांड लिए उन्हें जेल पहुंचा दिया।

रिमांडलेना ही होगा

डीआईजीने बताया लूट और चोरी के मामलों में अब थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि उन्हें रिमांड लेना ही होगा। इससे अन्य वारदातों का खुलासा होगा। बदमाशों के फोटो जनता को भी बताने होंगे ताकि उनकी पहचान हो सके। इसके लिए अलग से रिकॉर्ड रखने का कहा है।