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वेतन नहीं मिलने पर अधूरा छोड़ा पोस्टमाॅर्टम
एक दिन पहले कुएं में डूबने से हुई थी 12वर्षीय छात्रा की मौत
भास्करन्यूज | बुरहानपुर
वेतननहीं मिलने से नाराज जिला अस्पताल के दो कर्मचारी 12 वर्षीय छात्रा के शव का पोस्टमाॅर्टम अधूरा छोड़ आए। सहायक नहीं होने से पोस्टमाॅर्टम कर रहे डॉक्टर भी बाहर गए। मौत से आहत छात्रा के परिजन अस्पताल प्रबंधन की इस व्यवस्था से और दु:खी हो गए। मान-मनौव्वल करने पर आधे घंटे बाद कर्मचारी लौटे, जिसके बाद पोस्टमाॅर्टम हो सका।
मामला बुरहानपुर के जिला अस्पताल का है। जिला मुख्यालय से 40 किमी दूर दवाटिया से परिजन छात्रा ममता कनासिया का शव बुधवार अलसुबह पोस्टमाॅर्टम के लिए जिला अस्पताल लाए थे। सुबह 10 बजे शव का पोस्टमाॅर्टम शुरू हुआ, लेकिन वेतन संबंधी विवाद नहीं सुलझने से दो कर्मचारी पोस्टमाॅर्टम अधूरा छोड़कर बाहर निकल गए। डॉ. देवेंद्र कनासिया भी उनके पीछे-पीछे गए। परिजन पीएम के लिए गिड़गिड़ाए। स्टाफ ने भी समझाइश दी।
करीब आधे घंटे बाद दोनों कर्मचारी पीएम रूम लौटे। 11.30 बजे तक पोस्टमाॅर्टम करने के बाद दोपहर 12 बजे ममता का शव लेकर परिजन गांव लौट पाए। 7वीं की छात्रा ममता पिता नहाला मढ़िया मंगलवार शाम 5.30 बजे घर से 300 मीटर दूर खेत स्थित कुए पर पानी लेने गई थी जहां पैर फिसलने से उसकी मौत हो गई थी। परिजन बुधवार अलसुबह 3 बजे शव लेकर जिला अस्पताल पहुंचे।
काटा हुआ वेतन मांगने पर अड़े थे कर्मचारी-जिला अस्पताल में ठेके पर 40 कर्मचारी काम कर रहे हैं। इनमें 26 सफाई कर्मचारी और 14 सुरक्षा गार्ड हैं। इन्हें कलेक्टर रेट पर 5840 रुपए वेतन मिलना चाहिए। लेकिन इंदौर की कामथेन कंपनी सात महीने से वेतन से 1700-1700 रुपए काट रही है। मंगलवार को कर्मचारियों ने कटा वेतन मांगा तो ठेकेदार रामपाल त्रिवेदी ने इनकार कर दिया।
ठेकेदार ने कहा काम छोड़ने पर जमा रुपए एक साथ मिलेंगे। दो दिन से कर्मचारी और ठेकेदार के बीच विवाद चल रहा था। बुधवार को इसी बात को लेकर कर्मचारियों ने पोस्टमाॅर्टम अधूरा छोड़ दिया। मामले में डॉ. देवेंद्र कनासिया ने कहा समझाइश के बाद कर्मचारियों ने पोस्टमाॅर्टम कर दिया।