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स्वाइन फ्लू से शहर में लगातार दूसरी मौत, अब तक पांच की जान गई
स्वाइनफ्लू से शहर में दो दिन में लगातार दूसरी मौत हो गई है। इस बीमारी से अब तक पांच जानें जा चुकी है। इससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। चिंता बढ़ने का एक कारण यह भी है कि स्वाइन फ्लू के लिए जरूरी टेमीफ्लू का सप्लाय शासन ने बंद कर दिया है।यह दवा बाजार में भी नहीं मिल रही है।
रविवार को स्वाइन फ्लू पीड़ित 42 वर्षीय मरीज की मौत हो गई। परदेसीपुरा निवासी मरीज का इलाज 15 दिन से बांबे हॉस्पिटल में चल रहा था। वे कई दिनों से वेंटीलेटर पर थे। अब तक पांच मरीज स्वाइन फ्लू की चपेट में चुके हैं। शनिवार को भी गोकुलदास अस्पताल में भर्ती एक महिला की मौत हुई। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 38 सैंपल जांच के लिए जबलपुर लेबोरेटरी भेजे गए थे जिनमें से सात मरीजों मे बीमारी की पुष्टि हुई थी। पांच मरीजों की मौत हो चुकी है। केवल एक महिला ठीक होकर घर लौटी है। चोइथराम अस्पताल में भर्ती एक मरीज की हालत गंभीर है।
संदिग्धमरीजों की सूचना तत्काल दें
आईडीएसपीइंचार्ज डॉ. जी.एल. सोढ़ी का कहना है कि ठंड में इसका स्वाइन फ्लू का वायरस सक्रिय रहता है। हमने अस्पतालों को निर्देशित कर दिया है कि संदिग्ध मरीज की पहचान होते ही सूचना दे ताकि सैंपल जांच के लिए भिजवाया जा सके।
टेमी फ्लू का सप्लाय बंद
स्वाइनफ्लू के लिए जरूरी टेमीफ्लू का सप्लाय शासन ने बंद कर दिया है। सभी जिलों के सीएमएचओ को निर्देशित किया गया है कि वे स्थानीय स्तर पर इसकी खरीदी कर लें। मुसीबत यह है कि यह दवा बाजार में भी नहीं मिल रही है। सूत्रों की मानें तो टेमीफ्लू महंगी दवा है और शासन ने इसके लिए कोई बजट आवंटित नहीं किया है।
लक्षण: तेजबुखार, सर्दी-खांसी और सांस लेने में तकलीफ होती है। धीरे-धीरे बढ़ते हुए तेजी से सांस चलने की समस्या हो जाती है। कृत्रिम ऑक्सीजन की जरूरत पड़ने लगती है। मरीज को सिरदर्द और नाखून नीले होने लगते हैं।
बचाव: सर्दी-जुकामबुखार आने पर तत्काल डॉक्टर से जांच करवाए।भीड़भाड़ वाले इलाके में जाने से बचे। पीड़ित मरीज के आसपास के लोग भी एहतियात रखे।