जूनियर छात्रों पर केस, सीनियर की पहचान
अश्लील पोस्टर चस्पा करने के मामले में कार्रवाई करने से बच रही पुलिस, एमजीएम मेडिकल कॉलेज का भी ढीला रवैया
एमजीएम मेडिकल कॉलेज में अश्लील फोटो के साथ 10 छात्राओं के नाम लिखे पोस्टर चस्पा करते पकड़ाए चारों छात्रों पर दूसरे दिन भी पुलिस ने एफआईआर नहीं की। उधर, कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी ने चारों छात्रों के अभिभावकों को सोमवार को बुलाया है। कॉलेज प्रबंधन उनके सामने छात्रों से फिर पूछताछ करेगा। शनिवार को हुई कॉलेज की एंटी रैगिंग और महिला उत्पीड़न कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। हालांकि जूनियर छात्रों को धमकाने वाले सीनियर छात्रों के मुद्दे पर कमेटी में कोई निर्णय नहीं हुआ है। पहचान के लिए सीनियर छात्रों की परेड कराने की बात भी कही गई थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बैठक में भी चारों छात्रों ने वही बयान दोहराया जो शुक्रवार को दिया था। छात्रों ने कहा था कि उन्हें कुछ सीनियर्स ने पोस्टर्स देकर कहा था कि इन्हें रात में परिसर में चस्पा करना है, हालांकि उन्होंने सीनियर के नाम नहीं बताए।
गुरुवार रात एमजीएम मेडिकल कॉलेज में पुलिस ने चार छात्र शुभनारायण घनघोरिया , सूरज अहिरवार, अंशुमन दत्ता और योगेश परिहार को पकड़ा था। उनके पास से 15 पोस्टर भी मिले थे और पुलिस को पुख्ता प्रमाण मिला था, जिससे साबित होता था कि वे अश्लील पोस्टर दीवार और पेड़ों पर चस्पा कर रहे थे। छात्रों को थाने भेजने के बावजूद छोड़ दिया था। कॉलेज के प्रोफेसर उन्हें छुड़ाकर ले गए और पुलिस चुपचाप रही।
पूरा सच सामने आने पर करेंगे कार्रवाई
कॉलेज ने कार्रवाई नहीं की तो हम करेंगे
{ कॉलेज परिसर में छात्र अश्लील पोस्टर चस्पा करते पकड़ाए, क्या कॉलेज प्रबंधन की नजर में यह गंभीर मामला नहीं है?
ऐसानहीं है, हमने इस मामले की गंभीरता समझी है। इसलिए तत्काल दोनों कमेटी की बैठक बुलाकर जांच शुरू कर दी है।
{मामले से जुड़े सीनियर्स के नाम पता करने का प्रयास क्यों नहीं किया गया?
हमइस बिंदु को लेकर भी जांच कर रहे हैं, जूनियर्स के सामने परेड का विकल्प खुला है।
{चारों छात्रों पर केवल सात दिन के निलंबन की कार्रवाई पर्याप्त है?
पूरासच सामने आने के बाद कड़ी कार्रवाई करेंगे। अभी हमारी जांच चल रही है।
{दूसरे दिन भी पुलिस ने केस दर्ज क्यों नहीं किया?
पुलिसतो पहले दिन ही केस कर सकती थी लेकिन कॉलेज प्रबंधन ने खुद सख्त कार