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उज्जैन- महाकाल कल बनेंगे दूल्हा, रोज चार घंटे बाहर से दर्शन
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में सोमवार से नौ दिवसीय शिव नवरात्रि पर्व शुरू हो जाएगा। भगवान महाकाल दूल्हा बनेंगे और प्रतिदिन गर्भगृह में 11 ब्राह्मणों द्वारा पूजन-अनुष्ठान किया जाएगा। नौ दिन महाकाल नित-नए चांदी के मुघौटे धारण कर हजारों भक्तों को दिव्य दर्शन देंगे। पूजन-अनुष्ठान के दौरान प्रतिदिन गर्भगृह में चार घंटे स्थायी प्रवेश बंद रहेगा।
सोमवार सुबह 7.30 बजे महाकाल मंदिर के नैवेद्य कक्ष में श्री चंद्रमौलेश्वर एवं सुबह 8.30 बजे कोटितीर्थ कुंड के किनारे पर श्री कोटेश्वर महादेव के पूजन से शिव नवरात्रि पर्व की शुरुआत होगी। महाकाल मंदिर के पुजारी प्रदीप गुरु, आशीष गुरु ने बताया नवरात्रि में रोजाना सुबह 9.30 से दोपहर 12.30 बजे तक एकादश, एकादशनी रुद्राभिषेक, श्रीसुक्त पाठ से पूजा-अनुष्ठान, दोपहर 3 से 4 बजे तक शृंगार, आरती के दौरान यानी प्रतिदिन 4 घंटे गर्भगृह में प्रवेश बंद रहेगा। इस दौरान श्रद्धालु नंदीहॉल के पीछे बेरिकेड्स से निरंतर दर्शन कर सकेंगे। मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक जयंत जोशी ने कहा इसके अलावा भी यदि मंदिर में भीड़ अधिक रहती है तो प्रवेश बंद रखा जा सकता है।
17 को शिवरात्रि पर रातभर पट खुलेंगे
शिव नवरात्रि का समापन महाशिवरात्रि पर 17 फरवरी को होगा। इस दिन रातभर महाकाल मंदिर के पट खुले रहेंगे और अगले दिन यानी 18 फरवरी की दोपहर 12 बजे भस्मारती होगी। जो वर्ष में केवल एक बार शिवरात्रि के दूसरे दिन दिन में होती है।
नवरात्रि में पंडे-पुजारी रखेंगे उपवास
जिस तरह चैत्र एवं आश्विन मास के दौरान नवरात्रि में देवी की पूजा-आराधना कर श्रद्धालु उपवास रखते हैं। इस प्रकार शिव के दरबार में शिव नवरात्रि के दौरान मंदिर के पंडे-पुजारी और परिवार के सदस्य एवं अन्य भक्त नौ दिन उपवास करेंगे।
20 फरवरी को पंच मुघौटे के दर्शन
शिवरात्रि पर्व के बाद 20 फरवरी को चंद्रदर्शन की दूज पर शाम 5 से रात 10.30 बजे तक महाकाल मंदिर में पंच मुघौटे के दर्शन होंगे।
नवग्रह मंदिर पर 106वीं हरि कथा
महाकाल मंदिर प्रांगण स्थित नवग्रह मंदिर के सामने ओटले पर रोजाना शाम 4 से 6 बजे तक इंदौर के पं. रमेश कानड़कर की हरि कथा होगी। कानड़कर परिवार 1909 से महाकाल में कथा कर रहा है।