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छात्रा बोली- वार्डन ने मुझे वसूली का जिम्मा सौंपा था, वही बना विवाद का कारण

6 वर्ष पहले
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इंदौर | सीवीरमन छात्रावास में बुधवार रात दो छात्राओं में हुई मारपीट मामले में एक छात्रा ने कुलपति को पत्र लिखा। इसमें घटना का विस्तृत ब्योरा लिखा है। बताया गया कि उसे वार्डन ने ही अन्य छात्राओं से रसोई गैस का भुगतान (प्रति छात्रा 150 रुपए सालाना) वसूलने का जिम्मा सौंपा था। उसने वही पैसा दूसरी छात्रा से मांगा था जिस पर विवाद हुआ। इसके बावजूद वार्डन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। यह भी लिखा है- मैंने अपने भाई को बुलाया था। उसने कोई बदसलूकी नहीं की। वह मेरे फोन करने पर ही थाने शिकायत दर्ज करवाने आए थे, लेकिन वार्डन ने हमें बाहर नहीं निकलने दिया।

डीएवीवी की चीफ वार्डन डॉ. शक्ति बैनर्जी ने कहा कि पूरे मामले की जांच जारी है। उसमें इन बिंदुओं को भी शामिल करेंगे। अगर किसी छात्रा का दोष नहीं है तो कार्रवाई नहीं होगी। वार्डन घटना की जानकारी मिलते ही पहुंच गई थीं। बाकी बातें जांच में सामने ही जाएंगी।





छात्रा ने ये सवाल उठाए, जांच कमेटी को भी मिलेगी पत्र की कॉपी

- वार्डन ने मुझे दूसरी छात्रा की पुलिस शिकायत करने से क्यों रोका?

- मैं वार्डन द्वारा दी गई जिम्मेदारी ही निभा रही थी तो फिर मेरी गलती कैसे?

- सीसीटीवी कैमरे के फुटेज देखे जाएं, इसमें पता चल जाएगा कि मेरे द्वारा बुलाए गए परिवार के सदस्यों ने कोई बदसलूकी नहीं की।

यह था मामला

पैसे को लेकर दो छात्राओं में विवाद हुआ। दोनों में गाली-गलौज हुई। एक-दूसरे को जमकर नोंचा। होस्टल के पास कुलपति प्रो. डी.पी. सिंह का निवास है। इसलिए सूचना मिलते ही चीफ वार्डन डॉ. शक्ति बैनर्जी भी पहुंच गए थे। उन्होंने ही कुलपति को पूरी जानकारी दी।