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जूनियर के साथ सीनियर पर भी दर्ज हो सकता है केस

7 वर्ष पहले
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एमजीएममेडिकल कॉलेज परिसर में देर रात छात्राओं के नाम वाले अश्लील पोस्टर लगाने का मामला रैगिंग से भी जुड़ गया है। पोस्टर लगाने के लिए सीनियर छात्रों द्वारा धमकाने की बात सामने आने के बाद मामला कॉलेज की एंटी रैगिंग समिति को सौंपा गया है। कॉलेज की महिला उत्पीड़न समिति भी जांच करेगी। शनिवार को दोनों कमेटियों की बैठक होगी। इधर कानून के जानकारों का कहना है कि इस मामले में पकड़ाए छात्रों के साथ ही उन सीनियर छात्रों के खिलाफ भी आपराधिक मामला बनता है जिन्होंने जूनियर छात्रों को यह हरकत करने के लिए धमकाया।

संयोगितागंज पुलिस ने अश्लील पोस्टर चिपकाने के आरोप में चार छात्रों को हिरासत में लिया था। इसकी सूचना डीन डॉ. पुष्पा वर्मा को दी गई। वार्डन फोरेंसिक विभाग के डिमोस्ट्रेटर डॉ. संजय दादू के आदेश के बाद असिस्टेंट वार्डन डॉ. दीपक गवली थाने पहुंचे और इसे कॉलेज का आंतरिक मामला बताते हुए छात्रों को छुड़वाया। दिनभर इस मामले को लेकर कॉलेज में अफरा-तफरी रही। प्रभारी डीन डॉ. उल्का श्रीवास्तव ने ताबड़तोड़ समिति बनाई। दोपहर 3 बैठक बुलवाई गई। कमेटी ने छात्रों से उनका पक्ष पूछा। जांच पड़ताल के बाद कमेटी ने चारों छात्रों को हॉस्टल छोड़कर आधी रात को कॉलेज परिसर में आने के लिए अनुशासन तोड़ने का दोषी माना है। मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ राहुल रोकड़े के अनुसार चारों छात्रों को सात दिन के लिए कॉलेज से सस्पेंड कर दिया। ये सभी 2013 बैच के हैं।

}506 : मानसिक रूप से त्रास देना या स्त्री की लज्जा का अनादर करना। सजा - दो साल की कैद

}आईटी की धारा 67 : तीन साल कैद, पांच लाख तक जुर्माना

हाई कोर्ट एडवोकेट कृष्णकुमार कुन्हारे के अनुसार जिस तरह की घटना हुई है, उस दृष्टि से यह गंभीर मामला है और प्रथम दृष्टया आपराधिक केस बनता है। जिन धाराओं में केस दर्ज हो सकता है, वे ये हैं-

इन धाराओं में हो सकती है कार्रवाई

}आईपीसी की धारा 294 : अश्लीलता फैलाना। सजा - तीन महीने की कैद

}509 : लोक शांति भंग करना या किसी व्यक्ति का अपमान करने की कोशिश करना, दो साल की कैद

}501, 502 : मानहानि। सजा- दो साल की कैद

पोस्टर देखते पुलिस अफसर।