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मेडिकल कॉलेज में छात्राओं के नाम िलखे अश्लील पोस्टर लगाने वाले 4 छात्रों को पुिलस ने पकड़ा, छोड़ भी दिया

7 वर्ष पहले
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यह हैं जिम्मेदारों के जवाब

एमजीएममेडिकल कॉलेज में एक और शर्मसार करने वाली घटना हो गई। पुलिस ने गुरुवार रात एमबीबीएस 2013 बेच के चार छात्रों को अभिनेत्रियों की अश्लील फोटो के साथ छात्राओं के नाम वाले पोस्टर चस्पा करते पकड़ा। बाद में अिसस्टेंट वार्डन के आग्रह पर इतने गंभीर मामले को मामूली मान छात्रों को छोड़ दिया। इधर मामला बढ़ता देख कॉलेज प्रबंधन ने एक कमेटी बनाकर छात्रों को सात दिन के लिए निलंबित कर दिया। कुछ समय पहले इसी कॉलेज में कुछ छात्रों ने महिला प्रोफेसर से अभद्रता की थी।

गुरुवार रात 3 बजे पुलिस कंट्रोल रूम पर कॉल कर कॉलेज के चौकीदार ने बताया 20-25 युवक मुंह पर कपड़ा बांधे और चड्डी-बनियान में परिसर में घूम रहे हैं। आशंका जताई कि ये बैंक में डकैती डालने आए हैं। गश्त कर रहे डीएसपी जेडी भौंसले, सीएसपी आरएस घुरैया चार थानों के बल के साथ मौके पर पहुंचे। एक युवक को दीवार फांदते पकड़ लिया। जो छात्र पकड़ में आए उनमें शुभनारायण घनघोरिया, सूरज अहिरवार, अंशुमन दत्ता योगेश परिहार शामिल हैं। बाकी भाग निकले। पुलिस को छात्रों के पास से 15 पोस्टर मिले। इन पर सनी लियोनी और दीपिका पादुकोण के फोटो थे। साथ में टॉप-10 जूनियर छात्राओं के नाम थे। शुक्रवार सुबह अिसस्टेंट वार्डन डॉ. दीपक गवली ने थाने जाकर इसे कॉलेज का आंतरिक मामला बताते हुए छात्रों को छुड़वा लिया।

>अनुशासन समिति के समक्ष आरोपी छात्र। चारों को निलंबित कर िदया गया।

टीआई डीएस बघेल | >जो पोस्टर मिले थे उनमें अश्लील कुछ नहीं था। ऐसे तो मैगजीन में भी छपते हैं।

> छात्राओं के सिर्फ नाम लिखे थे। कॉलेज से प्रो. गवली आए थे। उन्होंने केस दर्ज करने का कहा था।

एसपीओपी त्रिपाठी | >डीनके प्रतिनिधि के रूप में प्रोफेसरों ने लिखित में दिया कि वे कार्रवाई करेंगे।

> प्रोफेसरों का कहना है लड़कियां भी ऐसी सूची लगाती हैं। > कॉलेज प्रबंधन शिकायत करता है तो हम कार्रवाई करेंगे।

डीआईजीराकेश गुप्ता | > पुलिसने तत्परता से छात्रों को पकड़ लिया। कॉलेज प्रबंधन ने विभागीय मामला बताया और सख्त कार्रवाई का कहा तब जाकर छात्रों को छोड़ा गया।

> अगर किसी छात्रा को आपत्ति है तो वह शिकायत करे हम कार्रवाई कर देंगे।

भास्कर केसवाल

> इतने गंभीर मामले में छात्रों को बिना कार्रवाई छोड़ा जाना सही था? सीनियर्स पर कार्रवाई क्यों नहीं?

>छात्र